ताइवान में तूफान ‘चांपी’ का कहर: 20 शहरों में शटडाउन, स्कूल-ऑफिस बंद

ताइवान में तूफान ‘चांपी’ का कहर: 20 शहरों में शटडाउन, स्कूल-ऑफिस बंद

ताइवान में तूफान चांपी के आने से पहले काफी सतर्कता बरती जा रही है। 170 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना के मद्देनजर स्कूल और ऑफिसों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। सैंकड़ों उड़ानें रद कर दी गई हैं।

तूफान ताइवान के काफी करीब पहुंच चुका है। इसके लिए प्रशासन पहले से अपनी तैयारी कर रहा है। आंधी और तेज बारिश के साथ खतरनाक मौसम की वजह से प्रशासन एहतियातन ये कदम उठा रहा है।

किन शहरों में स्कूल-दफ्तर हुए बंद

स्थानीय प्रशासन के अनुसार स्कूल और ऑफिस ग्रेटर ताइपे, कीलुंग और ताओयुआन सहित कई इलाकों में शुक्रवार को बंद करने की घोषणा की गई है। वहीं, दक्षिणी ताइवान में युनलिन, चियायी, ताइनान, काओशुंग और पिंगतुंग में भी बंद की तैयारी है। पूर्वी ताइवान के साथ बाहरी द्वीप जिनमें यिलान, हुआलिएन, पेंघु और लिएनचियांग शामिल हैं यहां पर भी बंद की घोषणा है। एहतियातन यहां पर कामकाज बंद कर दिया गया है।

जारी हुई चेतावनी

ताइवान की केंद्रीय मौसम प्रशासन (CWA) ने गुरुवार को तूफान चांपी के करीब पहुंचने पर एक चेतावनी जारी की। जमीनी चेतावनी 22 अक्टूबर की सुबह जारी की गई है। इसमें लोगों से प्रशासन द्वारा बताए गए नियमों को फॉलो करने के लिए कहा गया है।

कब पहुंचेगा तूफान

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तूफान शुक्रवार की सुबह से शाम के बीच ताइवान पहुंच सकता है। अनुमान है कि शनिवार की शाम तक इस तूफान का असर दिखेगा। इसके बाद इसका असर कमजोर होगा तब जाकर लोग अपने पुराने कामकाज पर लौट सकते हैं।

बाढ़ जैसे हालात

तूफान के असर की वजह से कई इलाकों में भारी बारिश शुरू हो चुकी है। ताइपे शहर में कुछ जगहों पर 24 घंटों के अंदर 200 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश हुई है इससे बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को समुद्र तटों और पहाड़ी इलाकों से दूर रहने की चेतावनी दी है, ताकि किसी भी खतरे को टाला जा सके।

उड़ानों पर भी दिख रहा तूफान का असर

तूफान का असर ताइवान पर दिख रहा है। तूफान के आने से पहले 100 से ज़्यादा उड़ानें रद हो चुकी हैं। यात्रियों को एयरलाइन की अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है। तूफान पड़ोसी देश जापान तक भी पहुंच गया है। इसके असर की वजह से चार एयरलाइनों की 160 से ज़्यादा उड़ानें रद हो चुकी हैं।
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