दिल्ली: राजधानी का कर राजस्व 3.5% बढ़ा, आबकारी से कमाई में छह प्रतिशत की उछाल

दिल्ली: राजधानी का कर राजस्व 3.5% बढ़ा, आबकारी से कमाई में छह प्रतिशत की उछाल

दिल्ली सरकार का कर राजस्व चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3.5 प्रतिशत बढ़ा है। सितंबर 2026 तक सरकार को 27,030.38 करोड़ रुपये का कर राजस्व मिला, जबकि सितंबर 2025 तक यह आंकड़ा 26,128.48 करोड़ रुपये था।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नौ अक्टूबर तक कुल कर राजस्व 32,547.70 करोड़ रुपये पहुंच गया। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में कुल 74 हजार करोड़ रुपये कर संग्रह का लक्ष्य रखा है। दिल्ली सरकार के राजस्व में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में इससे 19,023.42 करोड़ रुपये मिले, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह राशि 18,710.89 करोड़ रुपये थी।

यानी जीएसटी संग्रह में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा सितंबर तक स्टांप और पंजीकरण शुल्क से 4,482.50 करोड़ रुपये, वैट से 3,826.43 करोड़ रुपये और मोटर वाहन कर से 1,613.76 करोड़ रुपये मिले। शराब पर लगने वाले आबकारी कर से सरकार की कमाई में छह प्रतिशत की वृद्धि हुई। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में आबकारी राजस्व 3,152.85 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2025-26 की समान अवधि में यह 2,947.53 करोड़ रुपये था। अधिकारी के मुताबिक, वैट, स्टांप और पंजीकरण व मोटर वाहन कर समेत राजस्व की लगभग सभी प्रमुख श्रेणियों में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है।

गैर-कर राजस्व और केंद्रीय सहायता का ब्योराआंकड़ों के मुताबिक, सितंबर तक दिल्ली सरकार को 778.37 करोड़ रुपये गैर-कर राजस्व मिला, जबकि पूरे वित्त वर्ष के लिए 900 करोड़ रुपये का अनुमान है। इस अवधि में केंद्र से 1,000.35 करोड़ रुपये की सहायता भी मिली। इसमें 517.35 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं और 483 करोड़ रुपये केंद्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त हुए।
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