
दून समेत तीन जिलों में बारिश का रेड अलर्ट, 57 सड़कें बंद
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में आज भी मौसम बदला रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून समेत पौड़ी और टिहरी जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि अन्य जिलों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही अनावश्यक रूप से पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने से बचने की सलाह दी है।
प्रदेश में 57 मार्ग बंदराज्य में बारिश और भूस्खलन के चलते 57 मार्ग बंद है। इसमें अल्मोड़ा में दो, बागेश्वर चार, चमोली आठ, देहरादून आठ और नैनीताल में 11 मार्ग बंद है। पौड़ी तीन, पिथौरागढ़ 11, रुद्रप्रयाग तीन, टिहरी पांच और उत्तरकाशी में दो सड़क बंद है। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बारिश से नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। हरिद्वार में शाम चार बजे गंगा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे रह गया था। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी और बागेश्वर में सरयू नदी का जल स्तर भी खतरे के निशान के पास पहुंच गया।
चारधाम यात्रा स्थगितपर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की ओर से चारधाम यात्रा को रविवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। वहीं, गढ़वाल आयुक्त के आदेश मिलने के बाद एआरटीओ कार्यालय में भी ग्रीनकार्ड और ट्रिप कार्ड का काम रोक दिया गया है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त चारधाम यात्रा प्रबंधन व नियंत्रण संगठन, गढ़वाल मंडल की ओर से मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त मौसम संबंधी सूचना का संज्ञान लेते हुए शनिवार दोपहर से आज रविवार तक यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। सूचना मिलने के बाद एआरटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड ट्रिप का काम रोक दिया गया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ऋषिकेश रावत सिंह कटारिया ने बताया कि आदेश मिलने के बाद यात्रा रोक दी गई है। यात्रियों को ट्रांजिट कैंप में रुकने के लिए कहा गया है।
सबसे अधिक बारिश ऊधमसिंह नगर जिले में हुईप्रदेश में आज उधम सिंह नगर जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। गुलरभोज में 91.5 मिमी बारिश हुई। काशीपुर में 89.0 मिमी और गदरपुर में 86.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। मौसम विज्ञान विभाग से भी लगातार संपर्क बना हुआ है। मौसम संबंधी सभी अलर्ट आम जनता तक पहुंचाए जा रहे हैं। इससे लोग समय रहते सचेत रह सकें। वे आवश्यक एहतियाती कदम उठा सकते हैं। नैनीताल जिले में भी भारी वर्षा हुई। कोश्याकुटोली में 87.5 मिमी, नैनीताल में 78.5 मिमी और धारी में 66.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। चंपावत के पाटी में 72.5 मिमी बारिश हुई। लोहाघाट में 68.5 मिमी और चंपावत में 60.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा में 65 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लैंसडौन में 54 मिमी और कालागढ़ में 52.5 मिमी बारिश हुई। अल्मोड़ा के जैंती में 63 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। शीतलाखेत में 61.5 मिमी और रानीखेत में 57.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। देहरादून निरंजनपुर में 57 मिमी बारिश हुई।
कम वर्षा वाले क्षेत्रदेहरादून के रायवाला में 20.5 मिमी और चकराता में 18.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। पिथौरागढ़ के गनाई गंगोली में 47.5 मिमी बारिश हुई। बागेश्वर में डंगोली में 47 मिमी और उत्तरकाशी में जानकी चट्टी में 43 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। चमोली में पोखरी में 42 मिमी और रुद्रप्रयाग में अगस्त्यमुनि में 26 मिमी वर्षा दर्ज की गई। हरिद्वार में खानपुर में 23.5 मिमी और टिहरी गढ़वाल में चंबा में 19.5 मिमी बारिश हुई।
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