हूती विद्रोही यमन के रणनीतिक शहर ताइज के करीब

हूती विद्रोही यमन के रणनीतिक शहर ताइज के करीब

अमेरिका-ईरान जंग की वजह से होर्मुज जैसे समुद्री रास्ते पहले से परेशानी झेल रहे हैं। वहीं अब इस कड़ी में दुनिया के अहम समुद्री मार्गों में एक बाब अल मंदेब जलजमरूमध्य पर भी संकट के बादल छा रहे हैं। ये संकट हूती विद्रोहियों के इसके नजदीक पहुंचे के कारण पैदा हुआ है।

यमन के हूती विद्रोही ताइज (Taiz) पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। हूती दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन तक आने जाने वाले रास्तों पर रुकावट पैदा कर रहे हैं। इस वजह से बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा एक बार सवालों के घेरे में है।

सेना खोए हुए इलाके पाने के लिए कर रही संघर्ष

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ताइज के आसपास अपनी मजबूत पहुंच बना कर वहां पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। ताइज उनके लिए यमन के दक्षिणी इलाकों में एक बड़ा गढ़ है। सेना अपने खोए हुए इलाके को पाने कि कोशिश में संघर्ष कर रही है।

सरकार का गढ़ रहा है ये शहर

बता दें कि ताइज लंबे समय से सरकार के गढ़ रहा है जो हर तरफ से हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके से घिरा हुआ है। इसके बावजूद हूतियों ने अब तक यहां पर अपनी पकड़ मजबूत नहीं बना पाई थी लेकिन अब हालात बदल गए हैं। वहां उनकी स्थिति मजबूत हो गई है।

200 किलोमीटर लंबी सड़क पर जमा रहे कब्जा

हूतियों ने अदन जाने वाली 200 किलोमीटर लंबी सड़क के कुछ हिस्सों पर अपना कब्जा जमा लिया है। इसमें अल-मिसराख और अल-तर्बाह के आसपास के इलाके शामिल हैं। अक्टूबर की शुरुआत से ही हूतियों ने शहर को चारों तरफ से घेर लिया था।

लोगों ने समा रहा डर

लड़ाई लंबी चलने से लंबे तक घेराबंदी का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लाखों लोगों के लिए खाना-पानी, फल, सब्जी, दूध सहित दवा जैसी जरूरत की चीजों की सप्लाई रुकने का खतरा पैदा हो गया है।
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