त्वचा रोगों के इलाज को लेकर आयुष मंत्रालय ने की बड़ी पहल

त्वचा रोगों के इलाज को लेकर आयुष मंत्रालय ने की बड़ी पहल

सोरायसिस, सफेद दाग और फंगल इंफेक्शन जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों के उपचार को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने बड़ी पहल की है।

मंत्रालय ने आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों के तहत इन बीमारियों की रोकथाम, पहचान और उपचार के लिए मानक दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस पहल का मकसद उपचार के तरीकों में एकरूपता लाना, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना, साक्ष्यों पर आधारित चिकित्सकीय तौर-तरीकों को बढ़ावा देना और चिकित्सकों को मरीजों के इलाज में बेहतर निर्णय लेने में मदद करना है।

योग को भी किया गया शामिलस्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) द्वारा तैयार इन दिशानिर्देशों में योग को भी शामिल किया गया है। गाइडलाइन को अंतिम रूप देने से पहले दिल्ली सरकार के आयुष निदेशालय के सहयोग से इनका परीक्षण किया गया। इसमें प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने वाले चिकित्सा अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

क्या है सोरायसिस?सोरायसिस प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी त्वचा की बीमारी है।इसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता गलती से स्वस्थ त्वचा कोशिकाओं पर हमला कर देती है, जिससे नई कोशिकाएं बहुत तेजी से बनने लगती हैं।त्वचा पर लाल धब्बे और उन पर चांदी या सफेद रंग की पपड़ी जम जाती है।प्रभावित हिस्से में तेज खुजली, दर्द या जलन महसूस होती है।

इस पहल को लेकर आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा, साक्ष्यों पर आधारित चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देकर ये दिशानिर्देश मरीजों की देखभाल में सुधार लाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की भूमिका को मजबूत करने में मदद करेंगे।
आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com

Related Articles

Back to top button