जापान-सिंगापुर के बाद अब कोरियाई कंपनियों पर हरियाणा की नजर, निवेश बढ़ाने निकलेगी सरकार

जापान-सिंगापुर के बाद अब कोरियाई कंपनियों पर हरियाणा की नजर, निवेश बढ़ाने निकलेगी सरकार

हरियाणा में औद्योगिक निवेश को नई गति देने और प्रदेश को वैश्विक कंपनियों के पसंदीदा निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। जापान से 3900 करोड़ रुपये और सिंगापुर से 5500 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों के बाद अब सरकार की निगाह दक्षिण कोरिया की कंपनियों पर है। 

इसी कड़ी में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के नेतृत्व में हरियाणा के अधिकारियों की टीम 19 से 22 अक्टूबर तक रिपब्लिक ऑफ कोरिया के दौरे पर जाएगी। इस दौरान दक्षिण कोरिया की प्रमुख कंपनियों और निवेशकों के साथ संवाद कर हरियाणा में निवेश की संभावनाओं को तलाशा जाएगा।

प्रदेश सरकार का उद्देश्य विदेशी निवेश को केवल समझौतों और घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय उसे जमीन पर उतारना है, ताकि नए औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना हो, मौजूदा उद्योगों का विस्तार हो और हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकें। कोरिया दौरे को इसी रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

जापान और सिंगापुर के बाद कोरिया पर फोकसहरियाणा सरकार बीते कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ संपर्क बढ़ाने और प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने में जुटी है। जापान और सिंगापुर के साथ हुए निवेश समझौतों से सरकार को औद्योगिक विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिला है। अब दक्षिण कोरिया की कंपनियों को हरियाणा में निवेश के लिए आकर्षित करने की तैयारी है।

दक्षिण कोरिया इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, मशीनरी, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत औद्योगिक पहचान रखता है। ऐसे में कोरियाई कंपनियों के साथ संभावित सहयोग हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सरकार की कोशिश होगी कि प्रदेश की औद्योगिक जरूरतों और कोरियाई कंपनियों की निवेश योजनाओं के बीच तालमेल स्थापित किया जाए।

राव नरबीर सिंह के नेतृत्व में जाने वाली टीम निवेशकों के समक्ष हरियाणा की औद्योगिक सुविधाओं, बुनियादी ढांचे, बाजार तक पहुंच और निवेश की संभावनाओं को प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही कंपनियों की आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री का जोर निवेश के साथ रोजगार परमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्राथमिकता हरियाणा में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ उसका सीधा लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और युवाओं तक पहुंचाना है। सरकार चाहती है कि नए उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ें और स्थानीय युवाओं को अपने घरों के नजदीक काम मिल सके। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, बल्कि प्रदेश में आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री की इसी सोच के तहत विदेशों में निवेशकों के साथ संवाद और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। सिंगापुर दौरे के दौरान भी उन्होंने हरियाणा और पंजाब मूल के उद्योगपतियों से संवाद कर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया था। सरकार का प्रयास है कि विदेशों में कारोबार कर रहे भारतीय मूल के उद्यमियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भी हरियाणा में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाए।

औद्योगिक विस्तार को मिलेगी नई दिशाहरियाणा की भौगोलिक स्थिति, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, सड़क संपर्क और विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को निवेश आकर्षित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार इन संभावनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाना चाहती है।

कोरिया दौरे के दौरान संभावित निवेशकों के साथ होने वाली बैठकों में औद्योगिक सहयोग, नई परियोजनाओं और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। यदि इन प्रयासों से ठोस निवेश प्रस्ताव सामने आते हैं, तो प्रदेश में विनिर्माण क्षेत्र को विस्तार देने के साथ सहायक उद्योगों के विकास का रास्ता भी खुल सकता है।

सरकार के सामने अब चुनौती विदेशी निवेशकों की रुचि को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलने की है। जापान और सिंगापुर के बाद दक्षिण कोरिया में निवेश संभावनाएं तलाशने की पहल इसी दिशा में अगला कदम है। आने वाले दिनों में कोरियाई कंपनियों के साथ बातचीत और संभावित समझौतों के परिणाम हरियाणा की औद्योगिक विकास रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। 
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