
मौसम का डबल अटैक: पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और भूस्खलन की चेतावनी
मौसम विभाग ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का डबल अटैक देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में सुबह और रात के समय गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है।
हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय इलाकों जैसे लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर में कल रात से ही ताजा बर्फबारी का दौर जारी है, जिससे वहां का तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है।
मनाली, धर्मशाला और निचले इलाकों में हो रही बारिश
इसके साथ ही मनाली, धर्मशाला और निचले इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा न करने और बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बर्फबारी के कारण कई महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी यातायात के लिए बाधित हो गए हैं।
दिल्ली एनसीआर में आज बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश की आशंका कम है। वहीं, दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। विभाग ने बताया कि उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश की संभावना कम है। मध्य, पूर्व और उत्तर-पूर्व के राज्यों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।
पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश के आसार
हालांकि, शनिवार को पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की छिटपुट बारिश हो सकती है। हाल ही में मॉनसून की वापसी के बावजूद इन क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश हुई है।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान धीरे-धीरे गिरेगा। खासकर रात का पारा लुढ़क सकता है, जो सर्दी की शुरुआत का संकेत है। फिलहाल उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। दक्षिण हरियाणा-उत्तरी राजस्थान और दक्षिणी राजस्थान-उत्तरी गुजरात पर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश के आसार
इस सिस्टम के प्रभाव से 17-18 अक्टूबर और 21-22 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी शनिवार को हल्की बारिश संभव है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
आईएमडी ने दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मॉनसून की एंट्री होने की बात कही है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 17 अक्टूबर को व्यापक बारिश की संभावना है।
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी भारी बारिश का अलर्ट है।
तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
केरल, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने की उम्मीद है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का मध्यम स्तर का जोखिम बताया गया है।
दिल्ली-एनसीआर का हाल
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह पूर्व दिशा से 18 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवाएं चलेंगी, जो दिन और रात में धीमी पड़ जाएंगी।
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