
बांग्लादेश में फिर निशाना बने हिंदू मंदिर
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के आयोजन स्थलों पर हिंसा की 34 घटनाएं सामने आई हैं। इनमें मंदिरों पर हमले, मूर्तियों की तोड़फोड़ और हिंसा के अन्य रूप शामिल हैं।
दो हिंदू संगठनों ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे इन हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और पूरे साल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
संगठनों के अनुसार, सिलहट, राजबाड़ी, पंचगढ़, नेत्रकोना और तंगैल सहित कई जिलों में मूर्तियों को तोड़ने और मंदिरों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं।
फरीदपुर के एक काली मंदिर में चोरी, और सुनामगंज में हिंदू समुदाय के लोगों के घरों, दुकानों और मंदिरों पर हमले व लूटपाट की घटनाओं का भी जिक्र किया। इसमें नौगांव में हुई डकैती का भी उल्लेख है, जिसमें शामिल लोगों ने कथित तौर पर खुद को खुफिया एजेंसी का अधिकारी बताया था।
उन्होंने कहा, “पूजा के पांच दिनों की सुरक्षा काफी नहीं है। साल के 365 दिन सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
हिंदू संगठन बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद के महासचिव संतोष शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक त्योहारों को सभी समुदायों के लोगों को एक साथ लाना चाहिए और सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पूजा शांतिपूर्ण ढंग से और बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न होगी।
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