
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने कहा- काट देंगे इंटरनेट केबल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फिर एक बार ईरान पर हमला करने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने इस हमले को ‘लिटिल एपिक फ्यूरी’ कहा है। ट्रंप का दावा है कि इस हमले के बाद ईरान उनकी सभी शर्तें मानने को मजबूर हो जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ ये युद्ध अभी तक किसी समझौते पर नहीं पहुंचा है। वहीं अमेरिका की इस चेतावनी का ईरान ने भी पलटवार किया है और अमेरिका को ‘आग से न खेलने’ की चेतावनी दी है।
28 फरवरी जैसा हमला करेगा अमेरिका?
ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक रिपब्लिकन प्रचार रैली के दौरान कहा, ‘हम एक और लिटिल एपिक फ्यूरी कर सकते हैं, तब फिर वे किसी समझौते के लिए मान जाएंगे। अगर वे समझदार हैं, तो वे बस यही कहेंगे कि चलिए काम की बात करते हैं।’
अमेरिका-इजरायल ने साथ मिलकर 28 फरवरी, 2026 को ईरान पर जो हमला किया था, उसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया था। इस हमले में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की मौत हो गई थी। इस ऑपरेशन के बाद से ही मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू हो गया, जो अभी तक चल रहा है।
ट्रंप की यह टिप्पणी तुर्किए में अमेरिकी राजदूत और सीरिया मामलों के प्रमुख टॉम बैराक के उस बयान के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस सप्ताहांत ईरान पर हमला कर सकता है।
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रम्प ने बैराक की इस टिप्पणी को ज्यादा अहमियत नहीं दी और कहा, ‘क्या वह मेरे राजदूत थे? मुझे लगता है कि वह काफी ताकतवर इंसान हैं। अगर ऐसा है, तो मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।’
ईरान की अमेरिका को चेतावनी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को आग से न खेलने की चेतावनी दी है। ईरान ने ऐसी योजनाएं तैयार की हैं, जिनके तहत अगर वाशिंगटन और इजरायल फिर से ईरान पर हमला करते हैं, तो वह खाड़ी (गल्फ) में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों को निशाना बनाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के एक अधिकारी ने कहा, ‘अगर ईरान पर हमला होता है, तो फिर कोई ‘रेड लाइन’ (सीमा) नहीं बचेगी। समुद्र के नीचे की केबलों से लेकर सैन्य ठिकानों (गुप्त ठिकानों सहित) तक, सब कुछ निशाने पर होगा। अमेरिका को आग से नहीं खेलना चाहिए।’
आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com



