‘हर चुनौती का डटकर सामना करते हैं हिमवीर’, ITBP जवानों को PM मोदी का संदेश

ITBP Raising Day: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई बड़े नेताओं ने हिमवीरों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने जवानों के साहस, समर्पण और देश के प्रति त्याग की सराहना करते हुए कहा कि बर्फीली चोटियों से लेकर दुर्गम सीमावर्ती इलाकों तक ITBP के जवान हर चुनौती का मजबूती से सामना करते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जवानों और उनके परिवारों को बधाई दी तथा शहीद हिमवीरों को नमन किया।
PM मोदी ने हिमवीरों के साहस को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ITBP के स्थापना दिवस पर एक्स के जरिए जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश के हिमवीर बेहद कठिन परिस्थितियों में भी पूरी हिम्मत और लगन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऊंची बर्फीली चोटियों से लेकर कठिन सीमावर्ती क्षेत्रों तक उनकी बहादुरी, समर्पण और देश के लिए किया गया त्याग हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। पीएम ने कहा कि हिमवीरों ने असाधारण साहस दिखाते हुए हर चुनौती का सामना मजबूत इरादों और अद्भुत हौसले से किया है।
राजनाथ सिंह ने दी शुभकामनाएं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ITBP के स्थापना दिवस पर बल के सभी जवानों और उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिमवीर बेहद कठिन मौसम के बीच देश की सीमाओं की सुरक्षा करने के साथ आंतरिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जवानों की बहादुरी, पेशेवर कार्यशैली और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण की प्रशंसा की।
LWE के खिलाफ अभियानों में भी अहम भूमिका
राजनाथ सिंह ने वामपंथी उग्रवाद यानी LWE के खिलाफ चलने वाले अभियानों में ITBP के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बल का साहस, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता देश की सेवा की मजबूत परंपरा को दर्शाती है।
अमित शाह ने शहीद हिमवीरों को किया नमन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्थापना दिवस पर ITBP के सभी कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बावजूद हिमवीरों ने देश की आन-बान-शान की रक्षा करते हुए बहादुरी और समर्पण की मिसाल कायम की है। अमित शाह ने देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले ITBP के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी दी।
चीन से लगी 3,488 किलोमीटर सीमा की जिम्मेदारी
ITBP देश की प्रमुख सीमा सुरक्षा सेनाओं में शामिल है। इसकी तैनाती चीन के साथ लगने वाली करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा पर है, जिसे वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC कहा जाता है। यह सीमा लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक फैली है। ITBP के जवान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात रहते हैं।
बेहद कठिन मौसम में सीमा की निगरानी
इन इलाकों में कई चौकियां बेहद अधिक ऊंचाई पर स्थित हैं, जहां तापमान काफी नीचे चला जाता है। कम ऑक्सीजन, भारी बर्फबारी, तेज हवाओं और कड़ाके की ठंड के बीच गश्त और सीमा पर गतिविधियों की निगरानी करना जवानों के लिए बड़ी चुनौती होती है। ITBP की कुछ चौकियां समुद्र तल से 18,000 फीट से भी अधिक ऊंचाई पर हैं।
1962 के युद्ध के बाद हुआ था ITBP का गठन
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद हुई थी। शुरुआत में इसका मुख्य उद्देश्य चीन से लगी भारतीय सीमा की सुरक्षा करना था। उस समय बल का गठन केवल चार बटालियनों के साथ किया गया था। समय के साथ इसकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और आज ITBP सीमा सुरक्षा के अलावा आपदा राहत एवं बचाव, नक्सल-विरोधी अभियानों और आंतरिक सुरक्षा में भी भूमिका निभाता है।
VIP सुरक्षा से चुनाव ड्यूटी तक निभाते हैं जिम्मेदारी
जरूरत पड़ने पर ITBP के जवान VIP सुरक्षा और चुनाव संबंधी ड्यूटी भी संभालते हैं। हर साल 24 अक्टूबर को स्थापना दिवस पर नई दिल्ली स्थित ITBP मुख्यालय और देशभर की विभिन्न इकाइयों में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के आयोजन किए जाते हैं।
हिमवीरों के साहस और बलिदान को याद करने का दिन
ITBP स्थापना दिवस उन जवानों के समर्पण और बलिदान को याद करने का अवसर है, जो परिवार से दूर रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। बर्फीली चोटियों और दुर्गम इलाकों में कठिन परिस्थितियों के बीच उनकी लगातार चौकसी देश की सीमा सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाती है।

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