
Karwa Chauth: करवा चौथ का पर्व इस साल 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को पूजा की जाती है और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया जाता है। ऐसे में पूजा का समय, व्रत की तैयारी और जरूरी सामग्री पहले से जान लेना उपयोगी रहेगा।
पूजा और चंद्रोदय का समय
दिल्ली के लिए प्रकाशित पंचांग के अनुसार, करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा। चंद्रमा के रात करीब 8:17 बजे निकलने की संभावना है।
ध्यान रखें कि चंद्रोदय का समय हर शहर में एक जैसा नहीं होता। उदाहरण के लिए, लखनऊ में चंद्रमा निकलने का अनुमानित समय रात 8:06 बजे है। पूजा और व्रत के पारण के लिए अपने शहर का समय देखना बेहतर रहेगा।
सुबह सरगी से शुरू होगा व्रत
परंपरा के अनुसार, महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत शुरू करती हैं। इसके बाद दिनभर भोजन और पानी का त्याग किया जाता है। महिलाएं पूजा की तैयारी करती हैं और शाम को निर्धारित मुहूर्त में माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करती हैं।
पूजा थाली में क्या-क्या रखें?
करवा चौथ की पूजा के लिए इन चीजों की व्यवस्था कर सकते हैं:
मिट्टी या तांबे का करवा और ढक्कन
छलनी, दीपक, घी, रुई और माचिस
रोली, चंदन, अक्षत और सिंदूर
धूप-अगरबत्ती, फूल और फल
जल से भरा कलश
माता पार्वती के लिए सुहाग सामग्री
करवा चौथ व्रत कथा की पुस्तक
मिठाई और पारंपरिक प्रसाद
ऐसे करें करवा चौथ की पूजा
शाम को पूजा स्थल साफ करके चौकी सजाएं और देवी पार्वती, भगवान शिव तथा गणेश जी की प्रतिमाएं स्थापित करें। दीपक जलाएं, रोली-अक्षत और फूल अर्पित करें। इसके बाद माता पार्वती को सुहाग सामग्री चढ़ाकर व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
रात में चंद्रमा के दर्शन होने पर जल से अर्घ्य दें। परंपरा के अनुसार छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखकर आरती करें। इसके बाद जल और प्रसाद ग्रहण करके व्रत का पारण किया जाता है।
करवा चौथ की विधि परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। व्रत के दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।



