
हवाई टिकट में खेल: अहमदाबाद-पुणे रूट पर अंतिम समय में बुकिंग करने पर 120% तक महंगी
अगर आप अपनी यात्रा से ठीक एक दिन पहले फ्लाइट का टिकट बुक करने की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए आपको कितना अधिक किराया चुकाना होगा, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका रूट कौन सा है।
टीओआई के अनुसार, 16 सितंबर 2026 की सुबह देश के 54 घरेलू रूट्स के आंकड़ों के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि जहां कुछ व्यस्त रूट्स पर एक दिन पहले और एक महीने पहले के किराए में लगभग कोई अंतर नहीं दिखा, वहीं कम उड़ानों वाले कई मार्गों पर किराया दोगुने से भी अधिक पहुंच गया।
कैसे काम करता है प्राइस इंडेक्स?
इस विश्लेषण में इस्तेमाल किया गया एयरलाइन प्राइस इंडेक्स यात्रा से ठीक एक दिन पहले के किराए को आधार यानी 100 मानकर काम करता है। बाकी सभी दिनों के किराए की तुलना इसी आधार से की जाती है।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी रूट पर 30 दिन पहले की बुकिंग का इंडेक्स 45.4 दर्ज किया गया, तो इसका सीधा मतलब है कि एक महीने पहले टिकट बुक करने वाले यात्री ने आखिरी दिन के मुकाबले आधे से भी कम खर्च किया। यह इंडेक्स केवल किसी एक दिन की स्थिति नहीं, बल्कि एक लंबी अवधि में जुटाए गए रुझानों के आधार पर तैयार किया गया है।
फ्लाइट बुकिंग डेटा रूट वार
रूटएक दिन पहले बुकिंग पर अतिरिक्त खर्च (%)30 दिन पहले बुकिंग पर बचत (%)प्रति दिन उड़ानें (आउटबाउंड)अहमदाबाद से पुणे120.5%54.6%3कोलकाता से चेन्नई112.7%53.0%3कोलकाता से बेंगलुरु93.2%48.2%9कोलकाता से हैदराबाद90.0%47.4%3हैदराबाद से बेंगलुरु86.6%46.4%11
किन रूट्स पर आखिरी वक्त की बुकिंग पड़ी सबसे महंगी?
विश्लेषण में शामिल 54 घरेलू रूट्स में से कुछ ऐसे मार्ग सामने आए जहां यात्रा की तारीख के नजदीक टिकट लेने पर भारी अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ी। अहमदाबाद से पुणे रूट पर सबसे बड़ा अंतर देखा गया, जहां यात्रा से ठीक एक दिन पहले टिकट बुक करने पर यात्रियों को 30 दिन पहले की तुलना में 120.5 प्रतिशत अधिक भुगतान करना पड़ा।
वहीं, एक महीने पहले बुकिंग करने पर 54.6 प्रतिशत तक की सीधी बचत दर्ज की गई। कोलकाता से चेन्नई रूट पर भी ऐसी ही स्थिति रही, जहां एक दिन पहले टिकट लेने पर 112.7 प्रतिशत का भारी प्रीमियम चुकाना पड़ा। इसके विपरीत, इसी रूट पर 30 दिन पहले टिकट बुक करने वाले यात्रियों ने करीब 53.0 प्रतिशत की बचत की।
इन रूट्स पर पहले और बाद के किराए में मामूली अंतर रहा
इसके विपरीत, देश के कुछ बेहद व्यस्त और अधिक उड़ानों वाले रूट्स पर यात्रा की तारीख नजदीक आने पर भी किराए में कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया।
बेंगलुरु से चेन्नई रूट पर 30 दिन पहले की गई बुकिंग और यात्रा से एक दिन पहले की बुकिंग में केवल 2.9 प्रतिशत का मामूली अंतर दर्ज हुआ, जहां पहले टिकट लेने पर केवल 2.8 प्रतिशत की ही बचत हुई।
मुंबई से दिल्ली जैसे देश के सबसे व्यस्ततम मार्ग पर, जहां रोजाना दर्जनों उड़ानें चलती हैं, 30 दिन पहले के मुकाबले एक दिन पहले टिकट लेने पर सिर्फ 6.9 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रीमियम लगा।
इसी तरह पुणे से दिल्ली मार्ग पर भी आखिरी वक्त में टिकट लेने पर केवल 7.2 प्रतिशत का अंतर देखने को मिला। इन रूट्स पर बुकिंग के समय का विज्ञापित किरायों पर बहुत सीमित असर पड़ा।
उड़ानों की संख्या तय करती है किराए का उतार-चढ़ाव
इस पूरे अध्ययन से यह साफ होता है कि केवल पहले से टिकट बुक कर लेना ही बड़ी बचत की गारंटी नहीं देता, बल्कि रूट और उस पर उड़ानों की संख्या सबसे अहम भूमिका निभाती है।
मुंबई-दिल्ली और बेंगलुरु-चेन्नई जैसे अत्यधिक व्यस्त कॉरिडोर्स पर रोजाना दर्जनों उड़ानें संचालित होने के कारण सीटों की उपलब्धता बनी रहती है, जिससे किराए का ग्राफ लगभग स्थिर रहता है।
दूसरी ओर, जिन रूट्स पर सीमित उड़ानें संचालित होती हैं, वहां तारीख नजदीक आते ही बची हुई सीटों की मांग बढ़ जाती है और किराए में भारी उछाल आ जाता है।
हालांकि, ये आंकड़े एक तय दिन के विज्ञापित और औसत किरायों पर आधारित हैं, इसलिए वास्तविक टिकट दरें समय और मांग के अनुसार बदल सकती हैं।
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