
बसपा नेता आकाश आनंद ने बुलंदशहर में एक रैली के दौरान मायावती के साथ हुई बातचीत का किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें मायावती के सामने अपनी बात रखने का मौका मिला, तो उन्होंने सीधे सवाल किया कि वह हर बार उनकी इतनी परीक्षा क्यों लेती हैं। आकाश के मुताबिक, मायावती ने इस सवाल के जवाब में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बसपा के संस्थापक मान्यवर कांशीराम के जीवन-संघर्षों की याद दिलाई।
आंबेडकर और कांशीराम के संघर्षों का दिया उदाहरण
आकाश आनंद ने बताया कि हाल के दिनों में मायावती ने उन्हें सजा देते हुए घर बैठने के लिए कहा था। बाद में जब उन्हें उनसे बातचीत करने का अवसर मिला, तो उन्होंने अपनी परीक्षा लिए जाने पर सवाल उठाया।
आकाश के मुताबिक, मायावती ने उनसे पूछा कि क्या बाबा साहेब आंबेडकर ने आखिरी सांस तक समाज के लिए संघर्ष नहीं किया था? इसके बाद उन्होंने कांशीराम के बारे में भी यही सवाल किया। आकाश ने जवाब दिया कि दोनों नेताओं ने जीवन के अंतिम समय तक बहुजन समाज के लिए काम किया और संघर्ष से पीछे नहीं हटे।
जिम्मेदारी से पहले परीक्षा क्यों जरूरी है?
आकाश आनंद के अनुसार, मायावती ने उनसे पूछा कि क्या कांशीराम ने अपना परिवार छोड़कर बहुजन समाज को ही परिवार नहीं माना था और उसके लिए अपना पूरा जीवन समर्पित नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि समाज हर दिन अपने नेताओं की परीक्षा लेता है।
आकाश ने बताया कि मायावती ने उन्हें समझाया कि जब आंदोलन, समाज और परिवार इतना बड़ा है, तो इतनी बड़ी जिम्मेदारी बिना परीक्षा के कैसे सौंपी जा सकती है? आकाश ने कहा कि मायावती की यह बात सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए।
उन्होंने मायावती से कहा कि वह जितनी बार उनकी परीक्षा लेना चाहें, ले सकती हैं। वह जीवनभर बहुजन समाज के लिए काम करने और अपना पूरा योगदान देने के लिए तैयार हैं।
मायावती का जताया आभार, लक्ष्य पूरा होने तक संघर्ष का संकल्प
रैली में आकाश आनंद ने कहा कि वह बहुजन समाज को ही अपना परिवार मानते हैं और उसके लिए लगातार मेहनत करते रहेंगे। उन्होंने अपना लक्ष्य बहुजन समाज को देश का शासक बनते देखना बताया। उनके मुताबिक, जब तक यह लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, वह चैन से नहीं बैठेंगे।
आकाश ने मायावती को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें परीक्षा में पास करके दोबारा लोगों के बीच भेजा है। उन्होंने हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर मायावती के प्रति आभार जताया और समाज के लिए निरंतर काम करते रहने का संकल्प दोहराया।



