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भगवान शिव का यह व्रत रखने से प्राप्त होती है दीर्घायु, रहते हैं आरोग्य

सनतान धर्म में भोले बाबा यानी भगवान शिव के कई व्रत और पूजन होते हैं, जब मंगलवार के दिन प्रदोष तिथि का योग बनता है तब भौम प्रदोष व्रत रखा जाता है। भगवान शिव को समर्पित यह व्रत हर मनोकामना पूर्ण करने वाला माना जाता है। मंगल ग्रह का एक अन्य नाम भौम है। भौम प्रदोष व्रत हर तरह के कर्ज से मुक्ति दिलाता है। इस व्रत में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस दिन शिव-शक्ति की उपासना करने से दांपत्य जीवन में सुख बढ़ता है।

भौम प्रदोष व्रत में शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभदायी माना जाता है। इस व्रत के प्रभाव से मंगल ग्रह की शांति हो जाती है। व्रत रखकर शाम के समय हनुमान जी और भगवान शिव की उपासना करें। इस व्रत के प्रभाव से रोग दूर हो जाते हैं और किसी भी तरह की शारीरिक व्याधियां नहीं रहती हैं। मंगलवार को प्रदोष व्रत करने से जीवन में आने वाली परेशानियां भी दूर होने लगती हैं। भौम प्रदोष व्रत कई तरह के दोषों को दूर करता है। इस व्रत को करने से परिवार हमेशा आरोग्य रहता है। यह व्रत निर्जल किया जाता है। इस व्रत की विशेष पूजा शाम को की जाती है। इस व्रत के प्रभाव से लंबी आयु प्राप्त होती है। इस दिन उपवास करने से उत्तम लोक की प्राप्ति होती है। भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने में यह व्रत बहुत उपयोगी माना गया है। भौम प्रदोष व्रत में शाम को हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। हलवा पूरी का भोग लगाएं। सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमानाष्टक का पाठ करें। ऊं नम: शिवाय: का जाप करते रहें। बजरंग बली को बूंदी के लड्डू अर्पित करें।

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