यूपीपीआरपीबी के 49568 कांस्टेबल भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा,जानें मामला

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 2018 के नागरिक पुलिस एवं पीएसी में सिपाही के पदों पर सीधी भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है,कि मेडिकल परीक्षण और ट्रेनिंग में देरी होने को लेकर अभ्यर्थी ने जमकर विरोध किया हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि ट्रेनिंग चार चरणों की बजाय दो चरणों में समाप्त कराई जाए। इस बात को लेकर अभ्यर्थियों ने अपने ट्वीट में सीएम योगी,सीएम ऑफिस और यूपी पुलिस को टैग करते हुए कह रहे हैं कि उन्हें परीक्षा दिए दो साल से ज्यादा का वक्त हो गया है।

लेकिन, अब अगर चार चरणों में ट्रेनिंग कराई जाती है तो उन्हें 2022 में जाकर नियुक्ति मिलेगी। इसपर विरोध करते हुए उन्हें दो चरणों में ट्रेनिंग करवाकर ज्वॉइनिंग दी जानी चाहिए। कुछ अभ्यर्थियों ने हैश  टैग #upp49568_में_शेष_35568_की_नियुक्ति_एकसाथ के साथ ट्वीट कर कहा, ‘छह महीने में नियुक्ति देने का वादा किया गया था लेकिन अगर चार चरणों में ट्रेनिंग हुई तो 2022 आ जाएगा। शेष बचे 35568 अभ्यर्थियों को एक साथ ट्रेनिंग दी जाए। भले ही ट्रेनिंग के लिए अन्य राज्यों में क्यों न जाना पड़े,हम तैयार हैं।

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