कोरोना का टीका लगवाने के 16 दिन बाद हुई डॉक्टर की मौत, पत्नी ने टीके को बताया मौत की वजह  

फ्लॉरिडा। कोरेाना संकट ने पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले लिया था। चारों तरफ तबाही का मंजर नजर आ रहा था। जिस कारण दुनियाभर में कोरोना की कई प्रकार की वैक्सीन को जल्द इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा रही है। हालांकि, कई लोगों पर इसका बुरा असर भी देखने को मिल रहा है। कोरोना से बचाव के लिए टीके के लगाने से कई लोगों पर इसका साइड इफेक्ट भी देखने को मिल रहा है, ऐसा ही कुछ एक डॉक्टर की मौत की वजह बताई जा रही है।

दरअसल, 3 जनवरी को अमेरिका के साउथ फ्लॉरिडा में एक 56 वर्षीय डॉक्टर की मौत हुई, जिसपर उनकी पत्नी ने कहा है कि यह मौत फाइजर की कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक लेने की वजह से हुई है। स्वास्थ्य अधिकारी इस मामले की जांच में जुटे हुए हैं। डॉक्टर माइकल लगभग 10 साल से माउंट सिनाई मेडिकल सेंटर में काम कर रहे थे और बीती 3 तारीख को उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी हेदी नेकलमेन के मुताबिक, डॉक्टर माइकल को 18 दिसंबर को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी।लेकिन, अभी तक ऐसे कोई मेडिकल या साइंटिफिक सबूत नहीं मिले हैं|

जिससे यह साबित हो कि डॉक्टर माइकल की मौत की वजह कोरोना वैक्सीन है, लेकिन मौत और टीकाकरण की अवधि में कम अंतराल की वजह से सेंटर फॉर डिजीजी कंट्रोल प्रिवेंशन इसकी जांच कर रहा है। हेदी नेकलमेन के अनुसार, टीका लेने के कुछ दिनों बाद ही डॉक्टर माइकल में अजीब लक्षण दिखने लगे थे। उनके हाथ और पैरों में छोटे.छोटे धब्बे भी हो गए थे। इसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया जहां वह एक दुर्लभ बीमारी का शिकार पाए गए। इस स्थिति में शरीर की प्रतिरोधकक्षमता गलती से खून में पाए जाने वाले सेल फ्रेगमेंट्स यानी प्लेटलेट्स पर हमला करती है। जिस कारण ईलाज के दौरान ही डा.माइकल की मृत्यु हो गई।

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