नए नियमों के चलते महंगी बंदूकें बिक रही कौड़ियों के दाम कोई भी लेने को तैयार नहीं, जानें वहज

लखनऊ। यूपी सरकार के नए नियमोें के कारण राजधानी में आर्म्स डीलरों के शोरूम पर बंदूकों को बेचने वालों की लम्बी कतारें गई है। पर कोई उसे खरीदने को तैयार ही नही। कोई डबल बैरेल तो कोई रायफल लेकर चक्कर काट रहा है। इसका मुख्य कारण सरकार द्वारा बनाए नए नियम के अनुसार, खिलाड़ियों को छोड़ अन्य कोई व्यक्ति दो से अधिक शस्त्र नहीं रख सकता। ऐसे में जिनके पास तीसरा शस्त्र है,वे उसको कम से कम दामों में बेच रहे हैं। राजधानी के एक बड़े आर्म्स डीलर ने बताया कि एक नाली, दो नाली बंदूक को कोई विक्रेता खरीदने को तैयार नहीं है।

जिनके पास दो से अधिक शस्त्र हैं वे उसे पुलिस के पास जमा नहीं करना चाह रहे हैं। वजह यह है कि पुलिस को देकर तीसरे शस्त्र का लाइसेंस निरस्त कराएंगे तो हासिल कुछ नहीं होगा। जमा शस्त्र सरकार की सम्पत्ति हो जाएगा। उदाहरण के लिए एक कॉन्ट्रेक्टर ने शौक में तीन असलहे रखे। इनमें एक बंदूक है। वह चाहते हैं कि कभी जो बंदूक 30 हजार रुपए में खरीदी थी उसकी कुछ कीमत मिल जाए। सभी शस्त्र विक्रेताओं ने मना कर दिया। राजधानी में कुल 1200 लोग हैं, जिनके पास दो से अधिक शस्त्र हैं। सभी की एक जैसी दिक्कत है। किसी ने कभी 40 हजार रुपए में 315 बोर की रायफल ली थी आज उसके पांच हजार रुपए लगाने को कोई विक्रेता तैयार नहीं है।

Gyan Dairy

जिनके पास रिवाल्वर, पिस्टल और रिपीटर है वो अपने शस्त्र धारक मित्रों को फोन कर रहे हैं। और उनसे कह रहे कि वो अपनी बंदूक या रायफल जमा करके हमसे रिपीटर खरीद लो। डेढ़ लाख रुपए में खरीदी गई रिपीटर को यदि विक्रेता के पास ले जा रहे हैं तो वह 10 से 15 हजार रुपए कीमत लगा रहा है। ऐसे में लोग अपने परिचितों को बेचना चाह रहे हैं। इसमें भी एक लम्बी प्रक्रिया है। खरीद फरोख्त के लिए एक माह की नोटिस पर डीएम की अनुमति लेनी होगी।

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