इंदौर में SEZ से 20.28 प्रतिशत निर्यात बढ़ने के आसार, दवाओं की ने मारी बाजी

इंदौर। पूरे विश्व में कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच चल रही आयात निर्यात की मांग को लेकर बाजार काफी मंदा रहा खासकर दवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग में इजाफे के कारण मौजूदा वित्तीय वर्ष में अप्रैल से दिसंबर के दौरान इंदौर के विशेष आर्थिक क्षेत्र सेज से निर्यात में 20.28 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करने के साथ ही करीब 8,835 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। बीते वित्तीय वर्ष की समान अवधि में इस बहुउत्पादीय सेज से 7,345.51 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया था। लेकिन इस बार केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एक आला अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कि अप्रैल से दिसंबर के बीच इंदौर सेज से हुए निर्यात में करीब 60 फीसद भागीदारी दवाओं की रही।

साथ ही बताया कि कोरोना के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान भी इंदौर सेज की फार्मा इकाइयों में लगातार उत्पादन जारी रहा क्योंकि प्रशासन ने इन्हें अत्यावश्यक सेवाओं की श्रेणी में रखा था। इसके साथ ही अधिकारी ने बताया कि, फिलहाल इंदौर सेज में फार्मा, पैकेजिंग सामग्री, इंजीनियरिंग, वस्त्र निर्माण और खाद्य प्रसंस्करण समेत अलग.अलग क्षेत्रों के 67 संयंत्र चल रहे हैं। इनमें से 20 इकाइयां अकेले फार्मा क्षेत्र की हैं। यह सेज हालांकि पड़ोसी धार जिले की औद्योगिक नगरी पीथमपुर में स्थित है लेकिन 1,100 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में फैली इस जगह को आधिकारिक तौर पर ‘इंदौर सेज‘ के नाम से ही जाना जाता है।

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सूचना तकनीक से जुड़ी सेवाओं की मांग में वृद्धि के चलते सूबे के चार आईटी सेज से सॉफ्टवेयर निर्यात में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। चारों आईटी सेज इंदौर में हैं। अधिकारी ने बताया कि अप्रैल से दिसंबर के दौरान टीसीएस सेज से 380.80 करोड़ रुपये, क्रिस्टल आईटी पार्क सेज से 332.52 करोड़ रुपये, इम्पीटस सेज से 66.81 करोड़ रुपये और इंफोसिस सेज से 48.78 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात किया गया। उन्होंने बताया कि चारों आईटी सेज का यह निर्यात पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि के मुकाबले क्रमशः 130.55 प्रतिशत 8.31 प्रतिशत 159.45 प्रतिशत और 133.84 प्रतिशत अधिक है।

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