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हाथरस केस: PFI रच रहा था जातीय हिंसा फैलाने की साजिश, चार गिरफ्तार

लखनऊ। हाथरस केस को लेकर विपक्ष पूरे देश में हंगामा हो रहा है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरा विपक्ष प्रदेश सरकार पर निशाना साध रहा है। वहीं, इस केस को लेकर विपक्षी दल के नेताओं के बीच पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) भी अपनी चाल चल रहा था। सीएम योगी आदित्यनाथ की पैनी निगाहों ने हाथरस के दिनों-दिन बिगड़ रहे माहौल को ताड़ लिया था और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया।

इसी कारण हाथरस को दंगों की आग में झोंकने की बड़ी साजिश भी सामने आ गई। इस मामले में पीएफआइ के एजेंट सहित चार को गिरफ्तार किया गया है। पीएफआइ का बेहद सक्रिय एजेंट अतीकुर्रहमान बूलगढ़ी गांव में पत्रकार के रूप में अपने काम को अंजाम देने में लगा था।

हाथरस के बूलगढ़ी गांव के बहाने उत्तर प्रदेश में बड़ी हिंसा की योजना की साजिश का खुलासा हो गया है। यहां पर पीएफआइ के बेहद सक्रिय एजेंट अतीकुर्रहमान ने बड़ी हिंसा की साजिश रची थी। हाथरस के बहाने की इनकी योजना उत्तर प्रदेश में बड़ी हिंसा फैलाने की थी। इन चारों के कब्जे से मोबाइल, लैपटॉप एवं संदिग्ध साहित्य (शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला) मिला।

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ये आरोपी पकड़े गए
1- अतीक उर रहमान पुत्र रौनक अली निवासी नगला थाना रतनपुरी जिला मुजफ्फरनगर।
2- सिद्दीकी पुत्र मोहम्मद चैरूर निवासी बेंगारा थाना मल्लपुरम, केरल ।
3- मसूद अहमद निवासी कस्बा और थाना जरवल जिला बहराइच ।
4- आलम पुत्र लईक पहलवान निवासी घेर फतेह खान थाना कोतवाली, जिला रामपुर।

 

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