मनसुख मर्डर केस की जांच करेगी NIA, 5 मार्च को ठाणे में मिला था शव

नई दिल्ली: 5 मार्च को ठाणे मनसुख हिरेन का शव मिला था। अब इस मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में ले लिया है। गृह मंत्रालय (एमएचए) की ओर से इस संबंध में एक औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

इस मामले की जांच पहले महाराष्ट्र एटीएस द्वारा की जा रही थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 8 मार्च को मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के पास मिली विस्फोटक से भरी कार की जांच एनआईए को सौंप दी थी।

जांच अधिनियम की धारा 8 के तहत केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई है। एनआईए हत्या के मामले में मुंबई पुलिस एफआईआर को फिर से दर्ज करेगी और केस फाइल के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी लेगी।

महाराष्ट्र एटीएस कर रही थी जांच
इस मामले की जांच महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते द्वारा भी की जा रही थी। 25 फरवरी को एंटीलिया के करीब स्कॉर्पियो से 20 जिलेटिन की छड़ें और मुकेश और नीता अंबानी के नाम एक धमकी भरा पत्र बरामद किया गया।

शुक्रवार की रात एनआईए ने मुंबई पुलिस एपीआई सचिन वाजे को अंबानी के निवास स्थान के पास फिर से लेकर जाकर रीक्रिएशन किया, जहां पिछले महीने कार से विस्फोटक बरामद किए गए थे।

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विस्फोटक की बरामदगी के मामले में जांच के सिलसिले में वाजे को गिरफ्तार किया गया है। विस्फोटक से भरे वाहन को रखने में उनकी कथित भूमिका और संलिप्तता के कारण उन्हें 25 मार्च तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया गया है।

महाराष्ट्र एटीएस ने सचिन वेज की कस्टडी मांगी
महाराष्ट्र एटीएस हिरेन मौत मामले की जांच के सिलसिले में वाजे को हिरासत में लेना चाह रही थी। निलंबित एपीआई ने ठाणे सेशंस कोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी थी और कोर्ट 30 मार्च को उनकी याचिका पर सुनवाई करेगा।

5 मार्च को ठाणे से हिरेन का शव मिला
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वाजे ने हिरेन से उस दिन मुलाकात की थी जब स्कॉर्पियो ‘चोरी’ हुई थी, और जांचकर्ताओं ने दावा किया था कि उसने सबूत नष्ट करने की कोशिश की थी।

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