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पीएम ने विपक्ष पर बोला हमला, कहा-गरीबों को अभाव में रखना कुछ लोगों की राजनीति का आधार रहा है

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ग्रामीण भारत को बदलने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने स्वामित्व योजना की शुरुआत की है। इसके तहत भू-संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड वितरितकरना शुरू हो गया है। ग्रामीण अब भू-संपत्ति का वित्तीय संपत्ति के तौर पर उपयोग कर सकेंगे। इस दौरान लगभग एक लाख संपत्ति धारक अपने मोबाइल फोन पर आए एसएमएस लिंक के जरिए अपना संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे। इसके बाद संबंधित राज्य सरकारों द्वारा संपत्ति कार्ड का भौतिक वितरण किया जाएगा।

वहीं, इस दौरान पीएम मोदी विपक्ष पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को, गरीबों को अभाव में रखना कुछ लोगों की राजनीति का आधार रहा है। आजकल इन लोगों को कृषि में जो ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं, उससे भी दिक्कत हो रही है, वो बौखलाए हुए हैं। इनकी ये बौखलाहट किसानों के लिए नहीं, खुद के लिए है। पीएम ने कहा कि गांव के लोगों को, गरीबों को अभाव में रखना कुछ लोगों की राजनीति का आधार रहा है।

आजकल इन लोगों को कृषि में जो ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं, उससे भी दिक्कत हो रही है, वो बौखलाए हुए हैं। इनकी ये बौखलाहट किसानों के लिए नहीं, खुद के लिए है। छोटे किसानों, पशुपालकों, मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से जिनकी काली कमाई का रास्ता बंद हो गया है, उनको आज समस्या हो रही है। किसानों के बैंक खाते में सीधा पैसा पहुंचने से जिनको परेशानी हो रही है, वो आज बेचैन हैं।

Gyan Dairy

किसान और खेत मजदूर को मिल रही बीमा, पेंशन जैसी सुविधाओं से जिनको परेशानी है, वो आज कृषि सुधारों के विरोध में हैं, लेकिन किसान उनके साथ जाने के लिए तैयार नहीं है, किसान उनका सच जान गया है। बता दें कि, पीएम मोदी इस समय स्वामित्व योजना के लाभार्थियों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 6 राज्यों के 763 गांवों में स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रॉपर्टी कार्ड के वितरण का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे।

पंचायतीराज मंत्रालय के तहत स्वामित्व योजना इसी साल 24 अप्रैल को लॉन्च की गई थी। इस योजना के दायरे में आने वाले लोग ऋण आदि लेने के लिए संपत्ति कार्ड का उपयोग कर सकेंगे। पीएम मोदी आज छह राज्यों के 763 गांवों के लाभार्थियों को संपत्ति कार्ड जारी करेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के 2 गांव शामिल हैं।

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