‘अटल टनल’ का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, बोले-अटल जी के सपने के साथ करोड़ों लोगों इंतजार खत्म हुआ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ‘अटल टनल’ का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम ने कहा कि आज का दिन ऐतहासिक है। उन्होंने कहा कि आज सिर्फ अटल जी का ही सपना पूरा नहीं हुआ, बल्कि आज हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है। बता दें कि, यह हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बने दुनिया की सबसे लंबी सुरंग है। अटल सुरंग दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है। इसकी लंबाई 9.02 किलोमीटर है जो मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ेगी। इससे पहले यह घाटी भारी बर्फबारी के कारण लगभग छह महीने तक संपर्क से कटी रहती थी।

मगर अब हर मौसम में सफर जारी रहेगा। इस सुरंग से मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय भी चार से पांच घंटे कम हो जाएगा। पीएम ने कहा कि लोकार्पण की चकाचौंध में वह लोग पीछे रह जाते हैं जिनका योगदान रहा। अभेद्य पीरपंजाल को भेदकर यह संकल्प पूरा किया है। इंजीनियर, मजदूर सबको याद करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि यह टनल नए केंद्र शासित प्रदेश लेह लद्दाख की भी लाइफ लाइन बनने वाली है। मनाली और केलांग के बीच की तीन चार घंटे की दूरी कम हो जाएगी।

पीएम मोदी ने कहा कि यह सुरंग देवधरा की उस बुद्ध परंपरा को समृद्ध करेगी जो दुनिया को रोशनी दिखाएगी। हिमालय का यह हिस्सा हो उधर रेगिस्तान का विस्तार हो या तटीय इलाके, ये सब देश की सुरक्षा करते हैं। यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि अटल की सरकार जाने के बाद इस काम को भुला दिया गया। जिस रफ्तार से सुरंग का काम उस समय हो रहा था, यह 2040 में पूरी होती। अटल टनल के काम में 2014 के बाद अभूतपूर्व तेजी लाई गई। पहले हर साल 300 मीटर सुरंग बन रही थी, हमने 1400 मीटर प्रति वर्ष कर दी।

यूपीए सरकार होती तो छह साल का काम 26 साल में पूरा होता। यह सुरंग 3200 करोड़ खर्च कर बनाई गई है। यदि 20 साल और लगते तो यह खर्च कितना होता। अटल टनल की तरह ही अनेक प्रोजेक्टों के साथ यही व्यवहार हुआ। लद्दाख में दौलत बेग एयर स्ट्रिप में भी राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखी। ऐसे सामरिक महत्व के बड़े प्रोजेक्ट सालों तक लंबित रखे गए। पीएम ने कहा कि आज नॉर्थ ईस्ट और अरुणाचल को जोड़ने वाले पुल का काम भी अटल जी ने शुरू किया था।

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यह भी लंबित रखा गया। 2014 के बाद इसे गति दी गई। बिहार के कोसी पुल के साथ भी ऐसा ही हुआ। हिमालय क्षेत्र में चाहे हिमाचल हो या कोई और। काम तेजी से चल रहे हैं। सड़क पुल आदि बन रहे हैं। आम लोगों के अलावा हमारे सेना के भाईयों को लाभ हो रहा है। देश की सुरक्षा करने वालों का ख्याल रखना हमारी प्राथमिकता है। वन रैंक वन पेंशन को भी इन लोगों ने पूरा नहीं किया। कागजों में ही दिखाया जाता रहा। मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया

 

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