सीबीएसई परीक्षा के दौरान छात्रों की होगी बायोमेट्रिक हाजिरी, जानें आगे

पटना। बिहार में होने वाली सीबीएसई परीक्षाओं के बीच छात्रों की बायोमेट्रिक हाजिरी ली जाने का आदेश दिया गया है। क्योंकि अब बोर्ड परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक अटेंडेंस लिया जाएगा इसका मुख्य कारण छात्रों की जगह किसी और परीक्षा में बैठने से रोकना होगा। इसकी तैयारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई और सीआईएससीई द्वारा कराई जा रही है। दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021 में इसको लागू किया जायेगा। इससे ऐसे छात्रों को पकड़ना आसान हो जायेगा, जो दूसरों के बदले परीक्षा में शामिल होते है। एनआईओएस द्वारा 2018 की दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं से इसे लागू किया गया था।

ऐसे में परीक्षा के दौरान कई फर्जी छात्र को पकड़ा गया। इसे देखकर अब सीबीएसई और आईसीएसई द्वारा भी इसे शुरू किया जायेगा। बोर्ड के अनुसार, 10वीं और 12वी बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रों का परीक्षा हॉल में बायोमेट्रिक अटेंडेंस लिया जायेगा। इसके बाद परीक्षार्थियों को हॉल में बैठाने के बाद अटेंडेस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में अगर किसी परीक्षार्थी पर किसी प्रकार का संदेह हुआ तो वह छात्र के आधार नंबर से अटेंडेंस का वहीं मिलान करेंगे। अभी तक परीक्षार्थियों की पहचान उनके एडमिट कार्ड में लगे हुए फोटोग्राफ से की जाती थी।

लेकिन अब बायोमेट्रिक अटेंडेंस से छात्रों को पहचानने में काफी हद तक सहूलियत होगी। क्योंकि हॉल में ही आधार नंबर से अटेंडेंस को मिलाया जायेगा। अगर परीक्षार्थी गलत निकला तो उसे परीक्षा केंद्र पर ही पकड़ा जा सकेगा। बिहार बोर्ड, सीबीएसई या आईसीएसई की परीक्षा के दौरान कई फर्जी छात्र पकड़े जाते हैं। मैनुअल अटेंडेंस के कारण कई बार वीक्षक को धोखा देकर वे परीक्षा में शामिल होते हैं। एक अनुमान के मुताबिक हर साल डेढ़ से दो हजार तक फर्जी छात्र बिहार बोर्ड की परीक्षा में पकड़े जाते हैं।

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