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आज है अपरा एकादशी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्‍व और विधि

आज है अपरा एकादशी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्‍व और विधि
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Apara Ekadashi 2020: हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत को बेहद शुभ व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को रखने से मनुष्य के सभी मनोरथ पूरे होते हैं और उसे अत्यंत पुण्य की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार ज्‍येष्‍ठ मास के कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को पड़ने वाली अपरा एकादशी इस बार 18 मई सोमवार यानी क‍ि आज है। जिसे अचला एकादशी के नाम से भी पहचाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पद्मपुराण के मुताबिक इस व्रत को करने वाले मनुष्य को जीते जी ही नहीं बल्कि मृत्यु के बाद भी लाभ मिलता है।

अपरा एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि का आरंभ: 17 मई 2020 को 12:44 बजे
एकादशी तिथि का समापन: 18 मई 2020 को 15:08 बजे
अपरा एकादशी पारण समय: 19 मई 2020 को प्रात: 05:27:52 से 08:11:49 बजे तक
अवधि: 2 घंटे 43 मिनट

अपरा एकादशी 2020 के व्रत की विधि-
-इस व्रत के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें।
-स्नान के बाद भगवान विष्णु के इस व्रत का संकल्प लेकर उनकी पूजा करें।
-इस व्रत में अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर फलाहार कर लें।
-शाम को विष्णु जी की अराधना करते हुए विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें।
-एकादशी के दिन पूर्व संध्या को व्रती को सिर्फ सात्विक भोजन करना चाहिए।
-एकादशी का व्रत खोलने के बाद ब्राहम्णों को दान-दक्षिणा दें।

अपरा एकादशी का महत्‍व
अपरा एकादशी का पुण्‍य अपार है. कहते हैं कि इस एकादशी का व्रत करने से व्‍यक्ति के सभी पाप नष्‍ट हो जाते हैं और वह भवसागर को तर जाता है. मान्‍यता है कि इस दिन ‘विष्‍णुसहस्त्रानम्’ का पाठ करे से सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्‍णु की विशेष कृपा बरसती है. जो लोग एकादशी का व्रत नहीं कर रहे हैं उन्‍हें भी इस दिन भगवान विष्‍णु का पूजन करना चाहिए और चावल का सेवन नहीं करना चाहिए.

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