उन्नाव गैंगरेप केस: पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सेंगर ने HC में लगाई गुहार, CBI से जवाब तलब

नई दिल्ली। उन्नाव के माखी दुष्कर्म केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में दोषी करार दिए गए कुलदीप सेंगर की एक याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा है। अयोग्य ठहराए गए उत्तर प्रदेश के विधायक कुलदीप सेंगर ने 10 साल कैद की सजा के खिलाफ याचिका दायर की है।

न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने सीबीआई को नोटिस जारी करके कुलदीप सेंगर की याचिका पर जवाब मांगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 10 नवंबर की तारीख तय की है।
बता दें कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल 2018 को हिरासत में मौत हो गई थी। दिल्ली की तीस हजारी जिला अदालत ने 13 मार्च 2020 को कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई अतुल सेंगर और अन्य पांच लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई थी।

2018 में दायर किए गए सीबीआई के आरोपपत्र के मुताबिक 4 अप्रैल 2018 को पीड़िता के पिता और उसके साथी अपने गांव लौट रहे थे और उसी दौरान उन्होंने रास्ते में शशि प्रताप सिंह से लिफ्ट मांगी थी, लेकिन उसने लिफ्ट देने से इनकार कर दिया था। इसी दौरान उनके बीच तकरार हो गई। इसके बाद शशि सिंह ने कुलदीप सेंगर के भाई अतुल और अन्यों को मौके पर बुलाया और पीड़िता के पिता की बेहरमी से पिटाई कर दी।

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इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए पीड़िता के पिता को अस्पताल पहुंचाने के बजाए जेल में डाल दिया गया, जबकि उन्हें उपचार की जरूरत थी। उन्हें गहरी चोटें लगी थीं, जिस कारण 9 अप्रैल को उनकी न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी। इस घटना का एक वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल होता दिखा तो यह मामला प्रकाश में आया। इस वीडियो में पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटता हुआ दिखाया गया।

उल्लेखनीय है कि उन्नाव में कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग लड़की को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले की जांच सीबीआई ने की। पीड़िता की कार पर जानलेवा हमला होने की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए इस केस से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई लखनऊ से दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में स्थानांतरित कर दी थी।

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