टेलीकॉम के बाद क्या अब SBI के मर्जर से पड़ने वाला है बैंकिंग सेक्टर में नौकरियों का टोटा

टेलीकॉम सेक्टर की कई कंपनियों के कंसोलिडेशन से जहाँ रोजगार जाने की आशंका जताई का रही है। वहीँ अब स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) में पांच अन्य बैंकों के मर्जर से नई नौकरियों पर संकट आ सकता है। एसबीआई की अध्यक्ष अरुंधती भट्टाचार्य का कहना है कि इस विलय के बाद बैंकों में जरूरत से ज्यादा कर्मचारी हो गये हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ सालों तक एसबीआई में नई भर्तियों की उम्मीद भी कम रहेगी।

एक रिपोर्ट की माने तो अभी एसबीआई में करीब 2.10 लाख कर्मचारी काम कर रहे। अनुमान है कि इस साल करीब 13 हजार लोग बैंक से रिटायर हो जाएंगे जबकि 3,600 वीआरएस ले सकते हैं।

एसबीआई की चेयर पर्सन ने कहा कि सहयोगी बैंकों के विलय के चलते हमारे पास पहले से ही कर्मचारियों की ज्यादा संख्या हो गई है। इसलिए हम इस साल बहुत ज्यादा भर्ती नहीं करने जा रहे हैं। उन्होने कहा इस साल क्लर्कों की कोई भर्ती नहीं होगी। वैसे साल के अंत तक कुछ अधिकारियों की बहाली हो सकती है।

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टेलीकॉम सेक्टर पर भी संकट वहीँ टेलीकॉम सेक्टर में कंसोलिडेशन से 3 लाख लोगों के रोजगार पर संकट के बादल मंडरा रहे है। इन लोगों में टेलीफोन टावर से लेकर बीपीओ और सेल्स में काम करने वाले लोग शामिल हैं। कंपनियों के डेटा के मुताबिक आइडिया, वोडाफोन, आरकॉम और एयरसेल में 48,000 लोग काम करते हैं।

जानकारों की माने तो आने वाले समय में इस सेक्टर में काम कर रहे 10,000-25,000 लोगों की नौकरियों पर तलवार लटक रही है। भारतीय टेलिकॉम इंडस्ट्री से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 3 लाख लोगों का रोजगार टिक हुआ है। टेलीकॉम सेक्टर के जानकारों का कहना है कि कंसॉलिडेशन के बाद अगले डेढ़ साल में एक-तिहाई लोगों की जरूरत नहीं रह जाएगी।

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