50 हजार रुपए से अधिक नकद लेन-देन पर देना पड़ सकता है टैक्स

नई दिल्ली : अगर आप बैंक से 50 हजार रुपए से अधिक निकालेंगे तो उस पर टैक्स लगाया जा सकता है। ये सब तभी होगा अगर सरकार मुख्यमंत्रियों की कमेटी की सिफारिशें मान लेगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्राबाबू नायडू की अगुवाई वाली मुख्यमंत्रियों की कमेटी ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की के लिए अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की है। छोटे दुकानदारों को स्मार्टफोन खरीदने पर एक हजार रुपए सब्सिडी देने का सुझाव है। समिति ने पीओएस मशीन से भुगतान पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट को खत्म करने को कहा है।

मुख्यमंत्रियों की समिति ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। सरकार ने आठ नवंबर को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के बाद डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए नायडू की अध्यक्षता में यह समिति गठित की थी। समिति ने इससे पहले रिजर्व बैंक को अपनी कुछ अंतरिम सिफारिशें भी हाल में सौंपी थीं।

रिपोर्ट सौंपने के बाद नायडू ने उम्मीद जताई कि सरकार आगामी आम बजट में समिति की सिफारिशों को जगह देगी। उन्होंने कहा कि सरकार माइक्रो एटीएम और बायोमीट्रिक सेंसर्स को कर प्रोत्साहन देकर घरेलू उत्पादन बढ़ाने के उपाय करे। यही नहीं, डिजिटल पेमेंट कर रहे निश्चित वार्षिक आय वाले ग्राहकों को टैक्स रिफंड की सुविधा दी जाए।

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ये भी सिफारिशों की गई हैं :

– सालाना इनकम से तय रकम लेनदेन डिजिटल तरीके से करने पर टैक्स में छूट दी जाए।
– आधार कार्ड बेस्ड पेेमेंट के लिए बायोमैट्रिक मशीन की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दें।
– डिजिटल पेमेंट मंजूर करने वाले कारोबारियों से पिछले साल के बारे में कोई पूछताछ न हो।
– मेट्रो सिटीज में बसों-ट्रेनों में किराए के पेमेंट के लिए कांटेक्टलेस पेमेंट को बढ़ावा दिया जाए।

50 हजार के लेनदेन पर कर के बारे अंतिम फैसला नहीं :

सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि 50 हजार रुपए या इससे अधिक के नकद लेनदेन पर कर लगाने के बारे में मुख्यमंत्रियों की समिति ने सिर्फ सिफारिश की है तथा अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा कि सरकार ने समिति की सिफारिशों पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। सिफारिशों का सावधानी पूर्वक अध्ययन किया जाएगा तथा भविष्य में उचित फैसले किए जाएंगे।

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