सस्ता होने के चलते बाजार में घुसपैठ बना चुके चाइनीज उत्पादों को अब लोग नकारने का मन बना चुके हैं।

सस्ता होने के चलते बाजार में घुसपैठ बना चुके चाइनीज उत्पादों को अब लोग नकारने का मन बना चुके हैं। यदि उपभोक्ताओं का मेड इन इंडिया के प्रति लगाव बना रहा तो दीपावली पर चीनी उत्पादों के बाजार को बड़ा झटका लगना तय है। व्यापारियों कहना है कि चीनी उत्पादों के खिलाफ मुहिम के चलते कारोबार में करीब 25 से 30 फीसदी कमी आ सकती है।

भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बदले हालातों में चीन के पाकिस्तान के प्रति समर्थन से गुस्साए देशवासियों की मेड इन चाइना के बहिष्कार की मुहिम रंग ला रही है। उपभोक्ताओं का इन वस्तुओं से मोहभंग हो रहा है, जिसने व्यापारियों पर माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अब चीन के बने उत्पादों को जहां लोग बहिष्कार करने लगे हैं वहीं राज्य सरकार ने भी चीनी उत्पादों की बिक्री पर नकेल कसी। सरकार ने भी चीनी बनावट के लांचर, तुक्कल, लेन्टर्न और पटाखों की बिक्री और खरीदी पर रोक लगा दी।

Gyan Dairy

कई व्यापारियों ने दीपावली पर बेचने के लिए लाखों रुपए का माल तो खरीद लिया, लेकिन जिस तरीके से चीनी वस्तुओं का बहिष्कार शुरू हुआ उसके बाद अब उनको ग्राहकों को इंतजार सता रहा है। व्यापारियों का कहना है यदि ऐसे ही हालात रहे तो मुनाफा तो दूर जो रकम लगाई है वह भी निकालना मुश्किल हो जाएगा। ग्राहकों में देशभक्ति की भावना लगातार बढ़ रही है और स्वाभाविक भी है। लोगों ने चीनी उत्पादों के बहिष्कार का मन बनाया है तो राज्य सरकार ने भी चीनी उत्पादों के प्रति नकेल कसी है। इसके चलते ही राजकोट के अतिरिक्त जिला कलक्टर ने भी दीपावली पर आग लगने और हादसों को रोकने के लिए चाइनीज बनावट के लोंचर, तुक्कल, लेन्टर्न और पटाखों की बिक्री व खरीदारी पर रोक लगाई है।

 

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