Gold rate today: लगातार दूसरे दिन सोने में तेजी, जानिए नया रेट

MCX पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना बुधवार को 67 रुपये की तेजी के साथ खुला। यह पिछले सत्र में यह 49443 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज 49510 रुपये के भाव पर खुला। इस दौरान इसने 49510 रुपये का न्यूनतम और 49626 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ। सुबह करीब 10 बजे यह 97 रुपये की तेजी के साथ 49540 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा था। अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 204 रुपये की तेजी के साथ 49666 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

सर्राफा कीमतों में 514 रुपये की तेजी

मजबूत वैश्विक रुख और रुपये में गिरावट के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 514 रुपये की तेजी के साथ 48,847 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 48,333 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 1,046 रुपये की तेजी के साथ 63,612 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछला बंद भाव 62,566 रुपये प्रति किलोग्राम था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तेजी के साथ 1,845 डॉलर प्रति औंस हो गया जबकि चांदी 23.16 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही।

नवंबर में जमकर की लोगों ने खरीदारी

सोने की कीमत रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने के बावजूद सोने और चांदी के आभूषणों की औसत बिक्री का आकार अक्टूबर की तुलना में नवंबर में 16 प्रतिशत बढ़ा है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। स्टार्टअप ओके क्रेडिट द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार धनराशि के लिहाज से प्रति ग्राहक औसत बिक्री 16 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन पिछले साल त्योहारी मौसम के मुकाबले सोने के गहनों की प्रति ग्राहक औसत बिक्री आकार 70 प्रतिशत घट गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि सोने के दाम ऊंचे स्तर पर हैं इसलिए सोने के गहनों का प्रति ग्राहक औसत बिक्री आकार घट गया, जहां लोगों ने छोटे और हल्के आभूषणों की खरीद पर ध्यान दिया।

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क्यों आ रही है सोने में गिरावट?

कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन के मोर्चे पर सकारात्मक खबरों से सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल इकनॉमी में सुधार और अमेरिका-चीन के बीच तनाव कम होने से निवेशक सोने को छोड़कर शेयर बाजार का रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों में भारी उछाल की संभावना नहीं है। हालांकि, लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी निवेश का अच्छा विकल्प माना जा रहा है।

मुसीबत की घड़ी में हमेशा बढ़ी है सोने की चमक!

सोना हमेशा ही मुसीबत की घड़ी में खूब चमका है। 1979 में कई युद्ध हुए और उस साल सोना करीब 120 फीसदी उछला था। अभी हाल ही में 2014 में सीरिया पर अमेरिका का खतरा मंडरा रहा था तो भी सोने के दाम आसमान छूने लगे थे। हालांकि, बाद में यह अपने पुराने स्तर पर आ गया। जब ईरान से अमेरिका का तनाव बढ़ा या फिर जब चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर की स्थिति बनी, तब भी सोने की कीमत बढ़ी।

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