नयी कर प्रणाली: जीएसटी दरों पर सबकी नजर

एकअप्रैल, 2017 से लागू होने जा रहे गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) रेट की चार स्लैब 6,12,18 26 फीसदी हो सकती है। मंगलवार को जीएसटी काउंसिल ने इन चार रेट वाले वैकल्पिक जीएसटी ढांचे पर विचार किया है। इन पर अंतिम फैसला होना बाकी है। बुधवार को फिर इस पर विचार होगा।

capture-gst-580x355

Gyan Dairy

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक आवश्यक वस्तुओं को छह फीसदी, लग्जरी वस्तुओं को 26 फीसदी जीएसटी स्लैब में रखने पर विचार किया गया है। इसके अलावा लग्जरी गैर-जरूरी उत्पादों पर उपकर वसूलने का भी प्रस्ताव है। महंगाई को नियंत्रण में रखने के लिए खाद्य उत्पादों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सामान्य उपयोग की 50 फीसदी वस्तुएं या तो जीएसटी के दायरे से बाहर होंगी या इन्हें कम टैक्स वाली स्लैब में रखा जाएगा। 70 फीसदी वस्तुओं पर 18 फीसदी जीएसटी संभव है। जबकि महंगी कारें, स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले तंबाकू उत्पाद और प्रदूषण फैलाने वाले उत्पादों पर 26 फीसदी टैक्स लग सकता है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में जीएसटी रेट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शुरू हुई तीन दिवसीय बैठक में जीएसटी काउंसिल ने मंगलवार को जीएसटी लागू होने पर राज्यों को होने वाली क्षतिपूर्ति के अहम मुद्दे सुलझाते हुए प्रस्तावित टैक्स की दरों पर विचार-विमर्श शुरू किया। वित्त मंत्री का कहना है कि जीएसटी की दरों को इस प्रकार तय किया जाएगा, जिससे तो खुदरा महंगाई बढ़े और ना ही केंद्र या राज्यों को राजस्व की हानि हो। लगभग आठ घंटे चली जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद जेटली ने कहा कि बैठक में प्रमुख मुद्दा क्षतिपूर्ति तय करने के लिए राजस्व शब्द को परिभाषित करने का था।

Share