आयकर विभाग ने क्लीन मनी अभियान का दूसरा चरण शुरू किया…

आयकर विभाग नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में जमा रकम की पड़ताल के अपने अभियान ‘स्वच्छ धन अभियान’ का दूसरा चरण अगले महीने से शुरू करेगा। दूसरे चरण में उन खातों को पहले ही अलग किए जाने की उम्मीद है जिनमें एक बार में पांच लाख रुपये से कम रकम जमा हुई थी।

विभाग ने समान पते, पैन संख्या, टेलीफोन नंबर, ईमेल पते या नाम जैसी समानता के आधार पर विभिन्न जमाओं में तार जोड़ने की कोशिश शुरू की है। हालांकि, इसमें कम राशि वाली एकल जमा को जांच दायरे में नहीं लाया जाएगा। इसमें पांच लाख रुपये से कम राशि वाली जमा की अनदेखी की जा सकती है।

आयकर विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक जमा के विश्लेषण के लिए दो डेटा विश्लेषक फर्मों की नियुक्ति अगले दस दिन में की जाएगी। इस दौरान वित्त मंत्रालय को नोटबंदी से पहले व नोटबंदी के बाद जमा हुई राशि के आंकड़े बैंकों से मिल जाएंगे। यह डेटा स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल ट्रांजेक्शंस (एसएफटी) के तहत दिया जाना है। अधिकारी ने बताया कि इस कवायद का उद्देश्य उस व्यक्ति के अनेक बैंक खातों या पैन नंबरों को आपस में जोड़ना है,जिसने बड़ी संख्या में नकदी जमा करवाई।

Gyan Dairy

गौरतलब है कि अभियान के पहले चरण में पांच लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध जमा पर 18 लाख लोगों को एसएमएस, ईमेल भेजे गए। करीब साढ़े सात लाख लोगों ने ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिये अपने जवाब दिए और जमा रकम को स्वीकार किया। नोटबंदी के बाद दो लाख रुपये से अधिक की राशि में कुल 10 लाख करोड़ रुपये जमा करवाए गए हैं।

Share