Income tax : ज्यादा कट गया है तो आईटीआर फाइलिंग के वक्त चेक करें स्टेटस…

ऐसा भी हो सकता है कि आपने वित्तीय वर्ष में जरूरत से ज्यादा इनकम टैक्स (Income tax) दे दिया हो. जरूरत से ज्यादा से तात्पर्य यही है कि जितनी लायबिलिटी आपकी बनती थी, उससे अधिक आयकर आपने चुका दिया. ऐसी गफलत में आप रिफंड के हकदार हैं. सरकार आपको ज्यादा कटे टैक्स को आपको वापस देने का विकल्प देती है. यह अवसर आपको इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय मिलता है. इसलिए भी, 31 जुलाई तक प्रत्येक योग्य शख्स को आईटीआर फाइल कर देना चाहिए.

यदि आप रिफंड के हकदार हैं तो refund वाले कॉलम में आपको यह लिखा दिखेगा. अगले स्टेप के तौर पर टैक्स रिटर्न ई-फाइल करें और वेरिफाई कर लें. आपके द्वारा काम पूरा होने के बाद आयकर विभाग आपके दावों की वेरिफिकेशन और रिटर्न हेतु प्रक्रिया शुरू कर देगा. इसी के तहत Section 143(1) के मुताबिक आपको इस बाबत प्रोसेसिंग की जानकारी दे दी जाएगी. यह जानकारी एचएंडआर ब्लॉक इंडिया के हेड ऑफ रिसर्च चेतन चंडोक ने आलेख में दी है.

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बहुत जरूरी है कि आपको रिफंड हासिल करने की प्रक्रिया के बारे में पता हो ताकि आयकर विभाग से समय रहते और आवश्यकता पड़ने पर रिफंड लिया जा सके. रिटर्न भर चुकने के बाद कैलकुलेट  टैक्स (Calculate Tax) बटन पर क्लिक करें. सिस्टम अपने आप ही आपके द्वारा मुहैया करवाए गए डाटा के आधार पर टैक्स की गणना करके आपके सामने रख देगा और यह भी बता देगा कि रिफंड की ड्यू डेट कब है.

  • आपकी टैक्स कैलकुलेशन और टैक्स डिपार्टमेंट की कैलकुलेशन मैच नहीं करतीं. यानी कि, आपको अतिरिक्त टैक्स देना होगा. ऐसे में आयकर विभाग आपसे टैक्स डिमांड करेगा. तब यह भी हो सकात है कि आपका रिफंड का दावा अस्वीकृत हो जाए.
  • आपकी टैक्स कैलकुलेशन और टैक्स डिपार्टमेंट की कैलकुलेशन एक समान हैं. यानी कि, आपको और टैक्स नहीं जमा करना.
  • आपकी टैक्स कैलकुलेशन और टैक्स डिपार्टमेंट की कैलकुलेशन एक समान हैं. यानी कि, आपका रिफंड का क्लेम स्वीकार कर लिया गया है. यह आपको पहुंचा दिया जाएगा.
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