सरसों के तेल ने तोड़े सारे रिकार्ड, खुदरा बाजार में 160 रुपये लीटर तक पहुंचे दाम

लखनऊ। सूबे में खाद्य तेलों की कीमतों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है। लगभग हर घर में प्रयोग होने वाला सरसों का तेल 160 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं सरसों की कीमतें भी अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। माना जा रहा है कि सरसों की फसल खराब होने से तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। तीन महीने पहले 4200 से लेकर 4500 रुपये प्रति कुंतल तक बिकने वाला सरसों वर्तमान में 7000 से 7500 रुपये प्रति कुंतल तक बिक रहा है। ऐसे में 150 रुपये प्रति किलो से कम कीमत पर बिकने वाला सरसों का तेल शुद्ध हो ही नहीं सकता। अब कोल्हू का तेल 160 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

जानकारों का मानना है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह तक सरसों की नई फसल आने के बाद तेल की कीमतें कम होंगी। वहीं, आयात होने वाले पाम ऑयल की कीमत बढ़ने से ब्रांडेड सरसों तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। पहली दिसम्बर को 90 रुपये लीटर बिकने वाला पाम ऑयल 110 रुपये पर पहुंच चुका है। तेल कारोबारियों का मानना है कि ‘सरसों के तेल में 20 फीसदी तक पाम ऑयल मिश्रित करने की छूट है। ब्रांडेड कंपनियों को छोड़कर शेष कंपनियां इस अनुपात के मानक का ध्यान नहीं देती हैं। पाम ऑयल सस्ते नहीं होंगे तो ब्रांडेड सरसों के तेल की कीमतें नहीं गिरेंगी। सरसों के तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।’

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