दिवाली 2026: 8 या 9 नवंबर को मनेगी दीपावली? जानें लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस बार दिवाली की तारीख को लेकर लोगों के मन में सवाल है कि दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी या 9 नवंबर को। आइए जानते हैं दिवाली की सही तारीख, लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस पर्व का धार्मिक महत्व।
दिवाली 2026 की सही तारीख क्या है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। प्रदोष काल के दौरान अमावस्या तिथि होने के कारण दिवाली का मुख्य पर्व रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा।
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
दिवाली पर शाम के समय मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। द्रिक पंचांग के मुताबिक, पूजा के प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं:
प्रदोष काल: शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक
वृषभ काल: शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक
दिवाली पर चौघड़िया मुहूर्त
दिवाली के दिन पूजा के लिए ये चौघड़िया मुहूर्त भी बताए गए हैं:
सुबह: 11:27 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
अपराह्न: दोपहर 1:26 बजे से 2:48 बजे तक
सायंकाल: शाम 5:31 बजे से रात 10:27 बजे तक
रात्रि: 9 नवंबर को रात 1:43 बजे से सुबह 3:22 बजे तक
उषाकाल: 9 नवंबर को सुबह 5 बजे से 6:39 बजे तक
दिवाली पर कैसे करें लक्ष्मी-गणेश पूजा?
दिवाली के दिन घर की साफ-सफाई कर पूजा स्थल को सजाया जाता है। मान्यता है कि स्वच्छ और व्यवस्थित घर में मां लक्ष्मी का स्वागत करना शुभ होता है। इस अवसर पर लोग मुख्य द्वार पर रंगोली बनाते हैं और घर में दीपक जलाते हैं।
शाम को पूजा स्थल पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद रोली, अक्षत, फूल, फल, मिठाई, धूप और दीप सहित पूजा सामग्री अर्पित करें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार कलश स्थापना भी की जा सकती है।
पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के पूजन से करें। इसके बाद मां लक्ष्मी की पूजा कर उन्हें फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। फिर लक्ष्मी-गणेश के मंत्रों का जाप और आरती करें। अंत में परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करें।
क्या है दिवाली का धार्मिक महत्व?
दिवाली को प्रकाश, आशा और सकारात्मकता का पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद जब अयोध्या लौटे, तो नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इसी प्रसंग को भी दीपावली से जोड़कर देखा जाता है।
इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा धन, वैभव और समृद्धि की कामना के लिए की जाती है, जबकि भगवान गणेश का पूजन बुद्धि, शुभ शुरुआत और विघ्नों को दूर करने के लिए किया जाता है। यही वजह है कि दिवाली पर अधिकतर घरों में लक्ष्मी पूजा के साथ गणेश पूजन भी किया जाता है। दीपों का यह त्योहार धार्मिक आस्था के साथ परिवार और समाज में खुशियां बांटने का अवसर भी है।

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