मां थी तो दुआएं साथ थीं, इरफान की मौत से 4 दिन पहले अम्मी ने छोंड़ दी थी दुनिया

मुंबई। अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड के खास अभिनेताओं में जगह बनाने वाले एक्टर इरफान खान अब इस दुनिया में नही रहे। बुधवार को मुंबई के कोकिला बेन अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। 4 दिन पहले उनकी मां का भी इंतकाल हो गया था। अपनी मां सईदा के साथ उनका गहरा नाता था, जिसे उन्होंने एक इंटरव्यू में मशहूर शायर मुनव्वर राणा की पंक्तियों के साथ व्यक्त किया था, जो उनके मां और उनके एक साथ चले जाने की इतफाक को भी बयान करते हैं।

बॉलीवुड एक्टर इरफान खान राजस्थान के रहने वाले थे, उनकी मौत की जानकारी होते ही जयपुर में शोक की लहर छा गई है। इससे पहले उनकी मां सईदा बेगम भी 4 दिन पहले ही दुनिया से रुखसत हुई थीं। बताया जाता है कि इरफान का मां के साथ गहरा रिश्ता था, जिसे वो कई बार इंटरव्यू में व्यक्त कर चुके थे। लेकिन एक इंटरव्यू में इरफान ने अपनी मां के लिए मुनव्वर राणा का एक शेर पढ़ा था, जो उनके मां और उनके एक साथ जाने के इतेफाक और दोनों के गहरे रिश्ते को बयां करता है। यह शेर “जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है , मां दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है ” था।

पिछले तीन साल से इऱफान लड़ रहे कैंसर से
बताया जा रहा है कि इरफान ने एक इंटरव्यू में कैंसर की बीमारी से जूझने के दौरान ही राणा के इस शेर के जरिए मां के प्रति अपने भाव को दर्शाने की कोशिश की थी। इस शेर की लाइनों को लेकर उन्हें जानने वालों लोगों का कहना है कि इरफान शायद जानते थे कि उनकी मां की दुआएं उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है। आपको बता दें कि अभिनेता इरफान खान (Irfan khan) न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे थे। साथ ही काफी लंबे समय से उनका इलाज चल रहा था। हाल ही दोबारा तबियत बिगड़ने के बाद इरफान को मुंबई के कोकिला बेन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

बॉलिवुड के मशहूर अभिनेता इरफान खान का मुंबई में निधन हो गया है। कुछ दिनों से वह अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार को खबर आई कि कोलोन इंफेक्शन के कारण उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि पिछले दो महीनों से इरफान की तबीयत तेजी से बिगड़ गई थी और नाममात्र का सुधार हो रहा था। इरफान के यूं अचानक निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।

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मां करती थी दुआ, बेटा सलामत होकर घर लौटे
इधर, उनकी मां ने भी इरफान के बीमार होने के बाद लगातार उनके लिए दुआएं करती रहती थी। उन्होंने अपने बेटे के बीमार होने के बाद कई बार इंटरव्यू में यह कहा था कि मैं चाहती हूं कि बेटा इरफान जल्द स्वस्थ होकर अपने घर जयपुर लौट आए, उसका घर आना मेरे लिए बहुत बड़ा तोहफा होगा। मेरी दुआएं वो जल्दी ठीक हो , हमेशा सलामत रहे।

2018 से चल रहा इलाज
बता दें 2018 में इरफान खान (Irfan khan) को न्यूरोइंडोक्राइन ट्यूमर का पता चला था। लंदन में उनका इलाज चल रहा था। इसके बाद उनकी तबीयत में सुधार होने के बाद वह भारत वापस आ गए थे। बीते दिनों उनकी मां का निधन हो गया था। लॉकडाउन के चलते वह उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे।

कोकिलाबेन में करवाते रहे हैं चेकअप्स
लंदन से इलाज करवाकर लौटने के बाद इरफान कोकिलाबेन अस्पताल के डॉक्टर्स की देखरेख में ही रहे हैं। पिछले कई महीनों से कोकिलाबेन अस्‍पताल में वह अपनी बीमारी से जुड़े रूटीन चेकअप्स और ट्रीटमेंट करवाते रहे हैं। बताया जाता है कि फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ के दौरान भी उनकी तबीयत बिगड़ जाती थी। ऐसे में कई बार पूरी यूनिट को शूट रोकना पड़ा था। इरफान जब बेहतर फील करते थे, तब शॉट फिर से लिया जाता था।

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