कैंसर और मधुमेह से बचाता है काला गेहूं, जानें फायदे

लखनऊ। गेहूं की कई प्रजातियों के बारे में आपने सुना होगा। लेकिन क्या आप पौष्टिकता से भरपूर काले गेहूं के बारे में जानते हैं। काला गेहूं कैंसर, मधुमेह, हृदयरोग की रोकथाम करता है। यूपी के सात जिलों में प्रयोग के तौर पर काले गेहूं की खेती शुरू की जाएगी।

यह काले, नीले एवं जामुनी रंग का गेहूं है, जो सामान्य गेहूं से कहीं अधिक पौष्टिक है। विशेषज्ञों का दावा है कि ब्लैक व्हीट (काला गेहूं) में एंटी आक्सीडेंट काफी मात्रा में है जो तनाव, मोटापा, कैंसर, मधुमेह और दिल से जुड़ी बीमारियों के रोकथाम में मददगार है।

सामान्य गेहूं में जहां एंथोसाइनिन की मात्रा 5 से 15 पास प्रति मिलियन होती है, वहीं काले गेहूं में यह मात्रा 40 से 140 पास प्रति मिलियन होती है। एंथोसाइनिन ब्लू बेरी जैसे फलों की तरह लाभदायक है, यह शरीर से फ्री-रेडिकल्स निकालकर हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, मोटापा सहित कई बीमारियों की रोकथाम करता है।

Gyan Dairy

चण्डीगढ़ के मोहाली स्थित नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नालॉजी इंस्टीट्यूट (एनएबीआई) के सात सालों के शोध के बाद काले गेहूं का पेटेंट कराया गया है। एनएबीआई ने इस गेहूं का नाम ‘नाबी एमजी’ दिया है। चण्डीगढ़ के मोहाली स्थित नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नालॉजी इंस्टीट्यूट (एनएबीआई) ने वर्ष 2010 में काले गेहूं पर शोध शुरू किया गया था और सात सालों में संस्थान ने इसका पेटेंट करा लिया।

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