UA-128663252-1

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है हर्बल-टी, जानें बनाने का तरीका

नई दिल्ली। इन दिनों कोरोना संकट के साथ ही बदलते मौसम में लोगों को गले में खराश और सर्दी-जुकाम की परेशानी हो गई। ऐसे में अगर आप भी गले की खराश की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आप चाय या कॉफी की जगह हर्बल-टी का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे कि छोटी-मोटी समस्या ठीक होने के साथ आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत हो सके।

हर्बल टी को वैदिक चाय के तौर पर जाना जाता है। यह बेहद स्वादिष्ट और औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व न सिर्फ शरीर में तरल पदार्थों की पूर्ति करते हैं, बल्कि यह दूसरी चाय से भिन्न भी होती है। दरअसल, इसमें कैफीन की मात्रा नहीं होती है, जबकि दूसरी चाय व कॉफी में कैफीन की अधिक मात्रा होने से शरीर में कई स्वास्थ्य समस्याओं का जन्म होता है। कई प्रकार में पाई जाने वाली हर्बल चाय के फायदे भी अलग- अलग होते हैं। आप अपनी ज़रूरत के अनुसार उसका सेवन कर सकते हैं। इस खास तरह की चाय को फूलों, पत्तियों, जड़ों व बीजों आदि से तैयार किया जाता है।

Gyan Dairy

बनाने का तरीका
सबसे पहले पानी को उबाल लें। 2 कप चाय बनाने के लिए उसमें 1 टी स्पून अच्छी गुणवत्ता वाली ग्रीन टी की पत्तियां डालें। फिर 5 मिनट के लिए ढककर रख दें।
अब इसे छानकर पी लें। आप चाहें तो इसमें शहद भी मिला सकते हैं। रोजाना ग्रीन टी के 2- 3 कप पिए जा सकते हैं। ध्यान रहे कि पत्ती डालने के बाद पानी को न उबालें।

Share