मलेरिया को दूर भगाता है नीम का काढ़ा, जानिए फायदे

नई दिल्ली। बारिश के मौसम में मलेरिया, खांसी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां होने लगती हैं। ऐसे में नीम की पत्तिओं का इस्तेमाल करने से आपको कई बीमारियों से राहत मिलेगी। नीम की पत्तिओं समस्याओँ से राहत पहुंचाने में मदद करती है। नीम आयुर्वेद औषधीय के गुणों के कारण यह कई तरह की परेशानियों को दूर करता है।

मलेरिया बुखार है तो नीम की ताजा छाल को उबालकर काढ़ा बना बना कर दो से तीन बार पिएं, बुखार से राहत मिलेगी। बिच्छू, बर्र या अन्य विषैले कीटों के काटने पर मौजूद नीम के पत्तों को पीसकर इसका लेप प्रभावित अंग पर लगाएं। इससे दर्द कम और जहर भी नहीं फैलेगा।

सिर दर्द, दांत दर्द, हाथ-पैरों के दर्द और सीने के दर्द में नीम के तेल से लाभ होता है। इसके लिए प्रभावित जगह पर नीम के तेल से धीरे-धीरे मालिश करनी चाहिए। यदि आपको किसी प्रकार चोट घाव हो जाए तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। नीम के पत्तों को पीसकर उसका लेप घाव पर लगाने से काफी आराम मिलता है। अगर आपका घाव पुराना है, तो जैतून के तेल में नीम के पत्तों को पीसकर लगाने से जल्दी आराम मिलेगा।

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यदि आप दाद, खाज, खुजली की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो नीम की पत्तियों को दही के साथ पीसकर लगाएं। अगर आपको खांसी, बवासीर,और पेट में कीड़ों की समस्या से परेशान हैं तो नीम की टहनी का डंठल चबाना फायदेमंद साबित होगा।

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