प्रेग्नेंसी में कॉफी को कहें न, गर्भपात का बढ़ जाता है खतरा

नई दिल्ली। आज के दौर में कॉफी के शौकीन लोगों की कमी नहीं है। अपने में तमाम खूबियां समेटे कॉफी सामान्यत: हमारे स्वास्थ्य के लिए ठीक मानी जाती है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कॉफी सेवन करने से बचना चाहिए। इससे गर्भपात का खतरा काफी बढ़ जाता है। साथ ही गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। हाल में हुए एक अध्यययन में पता चला कि गर्भवती महिलाओं में कॉफी पीने से गर्भपात समेत कई समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। कॉफी में मौजूद कैफीन नामक तत्व से गर्भपात, मृतजन्म और कम वजन वाले बच्चे का जन्म जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

रॉयल कॉलेज ऑफ ऑब्सट्रीटिशियन एंड गाइनाकोलॉजिस्ट के प्रोफेसर जैक जेम्स ने कहा कि न्यूनतम मात्रा में कॉफी पीने से भी गर्भपात का खतरा 36 फीसदी तक बढ़ जाता है। मृत प्रसव का खतरा 19 फीसदी और कम वजन वाले जन्म का खतरा 51 फीसदी तक बढ़ जाता है। गर्भावस्था में कॉफी के सेवन से शिशु में ल्यूकेमिया और मोटापे का खतरा भी बढ़ता है।

शोधकर्ता ने कहा कि सामान्य समय में एक कप कॉफी के कैफीन के स्तर को कम होने में पांच घंटे का समय लगता है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान इससे भी लंबा समय लगता है। गर्भावस्था के 38 वें हफ्ते में शरीर को कैफीन के स्तर को कम करने में 18 घंटे का समय लगता है।

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कैफीन से शिशु के दिल की गति बढ़ जाती है और दिमाग की रक्त वाहिकाएं संकरी हो जाती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं को गर्भावस्था और बच्चों को दूध पिलाने के दौरान कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए।

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