फलों की तरह ही लाभदायक होते हैं इनके छिलके

नई दिल्ली। अक्सर हम फलों को खाने के बाद उनके छिलके फेंक देते हैं। लेकिन क्या आपको यह जानकारी है कि फलों के छिलके भी उतने ही फायदेमंद होते है जितना की फल। फलों के छिलके त्वचा को मुलायम, दाग रहित और चमकदार बनाए रखने में कारगर होते है। एक रिसर्च में कद्दू के छिल्के में मौजूद बीटा कैरोटीन फ्री-रैडिकल्स का खात्मा कर कैंसर से बचाव में मददगार मिला। जिंक की मौजूदगी नाखून को मजबूत बनाने के अलावा अल्ट्रावायलेट किरणों से त्वचा कोशिकाओं की रक्षा करती है, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी कारगर है। छिल्का मुलायम हो तो सब्जी के साथ पकाएं। और अगर कड़ा हो तो छीलकर धूप में सुखाएं। ओवन में भूनकर चिप्स के रूप में खा सकते हैं।

एक शोध में केले के छिल्के में फील गुड हार्मोन सेरोटोनिन की मौजूदगी दर्ज की गई, जो बेचैनी-उदासी का भाव घटाता है। इसमें ल्यूटिन नाम का एंटीऑक्सीडेंट भी पाया गया है, जो आंखों में मौजूद कोशिकाओं को अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाकर मोतियाबिंद के खतरे में कमी लाता है।  केले के छिल्के को दस मिनट तक साफ पानी में उबालें। पानी ठंडा होने के बाद इसे छानकर पी लें। एक अन्य शोध के मुताबिक नाशपाती का छिल्का विटामिन-सी और फाइबर के अलावा ब्रोमलेन का बेहतरीन स्रोत है। पाचन क्रिया दुरुस्त रखने के साथ ही पेट में मौजूद मृत ऊतकों के शरीर से बाहर निकलने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। इसके लिए नाशपाती को छिल्के सहित खाना पसंद नहीं करते हैं तो उसका जूस, शेक या सूप बनाकर पी सकते हैं। एक अध्ययन में लहसुन के छिल्के में फिनायलप्रॉपेनॉयड नाम के एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी सामने आई है। रक्तचाप के साथ ही लो-डेन्सिटी लाइपोप्रोटीन (एलडीएल) यानी बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी लाता है। रोज सुबह खाली पेट दो कली लहसुन चबाएं, वो भी बिना छिल्का उतारे। सब्जी-चटनी में भी छिल्के सहित इस्तेमाल करें। एक शोध के अनुसार संतरे-मौसमी जैसे खट्टे फलों के छिल्के में भारी मात्रा में सुपर-फ्लैवोनॉयड मौजूद होता है। बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी लाता है यह एंटीऑक्सीडेंट, रक्त प्रवाह के दौरान धमनियों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ने देता, हृदयरोग-स्ट्रोक से महफूज रखता है। सब्जी-सूप में छिल्का कद्दूकस करके डाल सकते हैं।

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