पेट की एसिडिटी को मिनटों में शांत कर देते हैं ये घरेलू नुस्खे

नई दिल्ली। पाचन की प्रक्रिया में हमारा पेट एक ऐसे एसिड को स्रावित करता है जो पाचन के लिए बहुत ही जरूरी होता है। पर कई बार यह एसिडआवश्यकता से अधिक मात्रा में निर्मित होता है, जिसके परिणामस्वरूप सीने में जलन और फैरिंक्स और पेट के बीच के पथ में पीड़ा और परेशानी का एहसास होता है। इस हालत को एसिडिटी या एसिड पेप्टिक रोग के नाम से जाना जाता है।

एसिडिटी के आम कारणों में खान पान में अनियमितता, खाने को ठीक तरह से नहीं चबाना और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना इत्यादि शमिल है। मसालेदार और जंक फ़ूड आहार का सेवन करना भी एसिडिटी के अन्य कारण होते हैं। इसके अलावा हड़बड़ी में खाना और तनावग्रस्त होकर खाना और धूम्रपान और मदिरापान भी एसिडिटी के कारण होते हैं।

भारी खाने के सेवन करने से भी एसिडिटी की परेशानी बढ़ जाती है। और सुबह-सुबह अल्पाहार न करना और लंबे समय तक भूखे रहने से भी एसिडिटी आपको परेशान कर सकती है। पेट में जलन का एहसास, सीने में जलन, मतली का एहसास, डीसपेपसिया, डकार आना, खाने पीने में कम दिलचस्पी एसिडिटी के लक्षणों में शामिल है। एसिडिटी के आयुर्वेदिक उपचार

अदरक का रस – नींबू और शहद में अदरक का रस मिलाकर पीने से, पेट की जलन शांत होती है।

चन्दन -एसिडिटी के उपचार के लिए चन्दन द्वारा चिकित्सा युगों से चली आ रही चिकित्सा प्रणाली है। चन्दन गैस से संबधित परेशानियों को ठंडक प्रदान करता है।

Gyan Dairy

हरड -यह पेट की एसिडिटी और सीने की जलन को ठीक करता है।

लहसुन– पेट की सभी बीमारियों के उपचार के लिए लहसून रामबाण का काम करता है।

मेथी – मेथी के पत्ते पेट की जलन दिस्पेप्सिया के उपचार में सहायक सिद्ध होते हैं।

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