इम्यूनिटी के लिए वरदान है ‘तुलसी मिल्क’, ऐसे करें प्रयोग

नई दिल्ली। तुलसी हमारी सनातन संस्कृति में पूज्य मानी गई है। इसके साथ ही अपने गुणों के कारण तुलसी आयुर्वेद की प्रमुख औषधियों में एक मानी जाती है। कोरोना महामारी के समय लोग तुलसी की पत्तियों का काढ़ा बनाकर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए हैं। क्या आप जानते हैं यदि तुलसी की पत्तियों को दूध में उबालकर पिया जाए तो बहुत से रोग दूर भाग जाते हैं। तो आइये जानते हैं तुलसी दूध बनाने और सेवन करने का सही तरीका।

तुलसी मिल्क बनाने के लिए आपको सबसे पहले डेढ़ गिलास दूध को उबालना है। दूध के उबलने पर इसमें 8 से 10 तुलसी की पत्तियां डालकर उसे और उबालें। जब दूध लगभग एक गिलास रह जाए तब गैस बंद कर दें। दूध के हल्का गुनगुना होने पर इसका सेवन करें। याद रखें इस दूध का नियमित सेवन करने से ही आपकी इम्यूनिटी स्टॉग बनेगी और आप कई रोगों से दूर रहेंगे।

दूध में तुलसी के पत्ते उबालकर पीने से सिर दर्द या माइग्रेन जैसी दिक्कतें जड़ से ठीक हो जाती हैं। अगर आप लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं हैं तो आप चाय की जगह रोजाना दूध में तुलसी के पत्ते डालकर पीएं।

तुलसी के पत्तों में न सिर्फ औषधीय गुण मौजूद होते हैं बल्कि इन पत्तियों में हीलिंग गुण भी शामिल होते हैं। यदि आप भी ऑफिस की टेंशन या परिवार की कलह की वजह से डिप्रेशन जैसी समस्या से घिरे रहते हैं तो दूध में तुलसी की पत्तियों को उबालकर पीएं। ऐसा करने से डिप्रेशन की समस्या से उबरने में मदद मिलती है।

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आज कोरोना महामारी के दौर में हर व्यक्ति अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की तरफ ध्यान दे रहा है। कोई भी रोग आपको तभी घेर सकता है जब आपकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। ऐसे में तुलसी के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा तुलसी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल एवं एंटीवायरल गुण सर्दी, खांसी और जुकाम से भी दूर रखते हैं।

दूध में तुलसी के पत्तों को उबालकर पीने से हमारा हृदय भी स्वस्थ रहता है। रोजाना खाली पेट तुलसी मिल्क पीने से ह्रदय रोगियों को काफी फायदा मिलता है।

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