शरीर में वात, कफ, पाचन को ठीक करता है हींग

नई दिल्ली। अपनी तेज गंध और आयुर्वेदिक गुण के चलते हींग बहुत उपयोगी माना जाता है। हींग का उपयोग पूरे भारत में खाने में होता है। भारतीय मसालों में यह भी एक महत्वपूर्ण पदार्थ है। हालांकि कई लोग हींग की गंध को पसंद नहीं करते हैं, लेकिन यह पाचक की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है। हिमाचल प्रदेश में हींग की खेती शुरू हुई है। आयुर्वेद में हींग को लेकर कई उल्लेख मिलते हैं। अष्टांगहृदय में वाग्भट्ट लिखते हैं, ‘हिंगु वातकफानाह शूलघ्नं पित्त कोपनम्। कटुपाकरसं रुच्यं दीपनं पाचनं लघु।।’ इसका मतलब यह हुआ कि हींग शरीर में वात और कफ को ठीक करता है, लेकिन यह शरीर में पित्त के स्तर को बढ़ाता है। यह गर्म होता है और भूख को बढ़ाता है। यह स्वाद बढ़ाने वाला है। अगर किसी को स्वाद नहीं मिल रहा है तो उसे पानी में मिलाकर हींग दें।’

हींग एक पाचक है, ये पाचन में सहायक है। इसके इस्तेमाल से गैस की समस्या कम होती है। चूंकि भारतीय खाने में स्टार्च और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए हींग ज्यादा उपयोगी साबित होता है। अगर आपको पाचन से संबंधित समस्याएं हैं तो हिंगास्तका चूर्ण लीजिए जिसमें मुख्य तौर पर हींग होता है। हींग के लेप का इस्तेमाल पेट दर्द ठीक करने में भी होता है। बहुत सारी दवाइयों में हींग का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि सिर्फ हींग का इस्तेमाल किसी दवाई में नहीं किया जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक इसे हमेशा इस्तेमाल से पहले घी में पकाने की जरूरत होती है। अगर कच्चे हींग का इस्तेमाल किया जाए तो आपको उल्टी हो जाएगी।’

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