यौन शक्ति बढाने हेतु सरल आयुर्वेदिक उपाए । Sex Power Badhane ke Tarike

स्वास्थ्य ही मानव जीवन की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि है और स्वास्थ्य को नया आयाम प्रदान करता है आयुर्वेद । जहाँ अन्य उपचार विधियों के साइड इफ़ेक्ट होते है वहीँ आयुर्वेद में किसी भी प्रकार का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता । आयुर्वेद आपको जीवन जीने का सही तरीका बताता है और प्रकृति से सामजंस्य बनाते हुए कैसे मानव अधिक से अधिक स्वस्थ रहे और लम्बी उम्र जिए इसी की व्यवस्था आयुर्वेद में है यूँ तो आयुर्वेद का अर्थ ही है ‘आयु को बढाने वाला ज्ञान’ और इसीलिए आयुर्वेद में पूर्ण स्वास्थ्य की कामना की गयी है ।

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वर्तमान समय में मानव अत्यंत ही तनाव में रहता है और अत्यधिक प्रदुषण और प्रदूषित खान-पान इसके स्वास्थ्य पर बहुत ही प्रतिकूल असल डाल रहे है, इसी कारण आज मानव कई बीमारियों से ग्रस्त है और इन्ही बीमारियों में से एक है यौन दुर्बलता । वैसे अगर आप स्वस्थ हो तो किसी भी प्रकार से दुर्बल हो ही नहीं सकते लेकिन फिर भी आयुर्वेद में यौन दुर्बलता की पूर्ण व्याख्या करते हुए इसका पूर्ण उपचार बताया गया है ।

प्रस्तुत आयुर्वेदिक उपाए बहुत ही प्रसिद्ध रहे है एवं सदियों से घरेलु नुस्खो के रूप में अजमाए जाते रहे है और लगभग प्रत्येक आयुर्वेदिक ग्रन्थ में यह उपाए बताये गए है

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भारत में आयुर्वेद उपचार का उपयोग ५००० वर्षों से भी अधिक समय से किया जाता है । सेक्स से संबंधित विकारों से पीड़ित लोगों के लिए भी आयुर्वेदिक उपचार का उपचार किया जाता है। आम तौर पर इन विकारों में शामिल हैं ।

  • शीघ्रपतन
  • नपुंसकता
  • इरेक्टल डिस्फंगक्शन
  • कामेच्छा का अभाव

 

नपुसंकता के लिए आयुर्वेदिक उचार :

  • पुरुषों में नपुसंकता की तुलना स्त्रियों में व्याप्त ठंडेपन के साथ की जाती है ! नपुंसकता के लक्षणों में से कुछ हैं – शारीरिक संबंध स्थापित करने में सक्षम न होना या पूर्ण रूप से संभोग स्थापित न कर पाना या संभोग करते समय ऑर्गैज़म (चरम आनंद) तक न पहुँच पाना !
  • कामेच्छा को बढाने के लिए उपयोग में लाई जानेवाली आयुर्वेदिक औषधियों को ‘वजीकर्म औषधि’ या ‘ऐफ्रोडीज़ीऐक’ के नाम से जाना जाता है।
  • आयुर्वेदिक उपचार – वानरी गुटिका, मदानानंदा मोदक, वीर्य स्त्रन्भा वटी, मकरध्वज, चंद्रोदय रस, अपत्य्कार स्वरस, शुक्र वल्लभ रस, कामेश्वर मोदक, गोखरू पाक, छुहारा हक, मूसली पाक, बादाम पाक, कामदेव चूर्ण, गोख्शुराद चूर्ण, नर्सिघा चूर्ण, मदन प्रकाश चूर्ण, शत्वर्यादी चूर्ण, मृतसंजीवनी सुरा इत्यादि नपुसंकता के उपचार में लाभदायक होते हैं !
  • खुराक – एक पौष्टिक खुराक खाएं, जिसमे उच्च प्रोटीन का समावेश हैं, जैसे की अंडे, मछली, घी, मक्खन, सोयाबीन, हरी सब्जियां, फल, बदाम और अन्य मेवे !
  • अन्य उपयोगी सुझाव हैं – शराब और सिगरेट का सेवन नहीं करना चाहिए, अपने आहार में वसा और कोलेस्ट्रोल की मात्रा को घटा देना चाहिए और नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करना चाहिए !
  • कामेच्छा को जगाने के लिए आयुर्वेद – वर्तमान युग में व्यस्त जीवनशली, बढते तनाव और थकान के कारण पुरुषों में कामेच्छा में कमी पाई जाती है ! साथ ही वे संभोग करने में सक्षम नहीं होते हैं !
  • नपुसंकता के लिए अनेक जड़ी बूटी उपचार हैं – जैसे की अश्वगंधारिष्ट, श्री गोपाल तेल !
  • शराब, सिगरेट और ड्रग्स का सेवन न करें, वज़न घटाएं, नियमित रूप से योग और व्यायाम करें !
  • पर्याप्त आराम करें, पर्याप्त नींद लें, योग के साथ अपने तनाव के स्तर को कम करें !
  • सावधानियाँ – नपुसंकता और अन्य सेक्सुअल समस्याओं के निदान के लिए अनेक जड़ी बूटी के उपचार उपयोगी साबित होते हैं ! लेकिन दवा की खुराक, अवधि, संरक्षण और डायटरी सप्लीमेंट के बारे में किसी आयुर्वेदिक वैद्य से अवश्य परामर्श ले लेना चाहिए !
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