घर में बच्‍चा पैदा होने से कैसे पड़ सकती है शादी में दरार

कई बूढे-बुजुर्गों का मानना है कि शादी के बाद अगर घर मे एक बच्‍चा जन्‍म ले लेता है, तो उससे पति-पत्‍नी के बीच में जो मन-मुटाव चल रहा होता है, वह सब खतम हो जाता है। उनका मानना होता है कि एक बच्‍चा पति पत्‍नी के रिश्‍ते को मजबूत बनाने में बहुत योगदान देता है। लेकिन बहुत से लोग आपको यह नहीं बताएंगे कि एक बच्‍चे के पैदा हो जाने के बाद पति-पत्‍नी में छोटी-मोटी दरार भी पैदा हो जाती है।

बच्‍चा पैदा होने के बाद कई कपल्‍स पास आ जाते हैं , तो कई कपल्‍स स्‍ट्रेस में आ कर लड़ाई-झगडे़ करने लग जाते हैं। अगर आपकी शादी हुई है और उससे आपको पहला बच्‍चा हुआ है, तो आप इस बात को भली-भांति समझते होगें। हांलाकि यह एक दौर है जो जल्‍दी ही गुजर जाएगा। आपकी जिंदगी में एक नया महमान आया है और उस नए महमान की जिम्‍मेदारी पूरी तरह से आप दोनों मियां-बीवी की है। शादी के बाद ये समस्‍याएं हर किसी को झेलनी है, पर आइये नजदीक से जानते हैं , कि यह समस्‍याएं हैं क्‍या।

अकेले में समय ना मिलना

आपको खुद के लिये समय नहीं मिलता। मान लीजिये कि आपको अपने दोस्‍तों के साथ बाहर ड्रिंक करने जाना हो या फिर आपको घर पर कुछ समय के लिये अकेले में किताब पढ़ने का मन हो, तो वो चीज़ आप नहीं कर सकते। इससे कपल्‍स के बीच में स्‍ट्रेस पैदा होने लगता है।

कम सोने की वजह से चिड़चिड़ापन आना

शिशु रात को ठीक से नहीं सोता इसलिये उसके चक्‍कर में माता-पिता को भी उसके साथ रातभर जागना पड़ता है। नींद ना पूरी होने की वजह से दोनों में चिड़चिड़ापन आ जाता है , जिसकी वजह से दोनों में लड़ाइयां होने लगती हैं।

कौन सबसे ज्‍यादा करता है

इस बात को लेकर बहुत ज्‍यादा झगड़ा होने लगता है कि बच्‍चे का काम कौन सबसे ज्‍यादा करता है। हांलाकि मां इस लड़ाई में जीत जाती है, पर दोनों के बीच में खटास जरुर पैदा हो जाती है।

अंतरंगता का कम होना

सेक्‍स किसी भी रिलेशनशिप की नींव होती है और बच्‍चा पैदा होने के बाद इसमें कमी आ जाती है।

Gyan Dairy

रोमांस का समय नहीं

आपके पास साथ डिनर करने का समय नहीं होता, शादी की एनेवर्सी तक आप भूल जाते हैं। धीरे धीरे आपकी जिंदगी से सारा रोमांस खतम होने लगता है।

पुरुष अकेला सा महसूस करते हैं

जब महिलाएं मां बन जाती हैं, तो उनका सारा ध्‍यान केवल बच्‍चे की ओर होता है, जिससे उनके पति को लगता है कि अब महिला कि जिंदगी में केवल शिशु की ही जगह रह गई है।

पार्टी बंद होने लगती है

आप अपने पुराने दोस्‍तों से मिलने का समय नहीं निकाल पातीं, ना ही उन्‍हें डिनर या उनके साथ लंच पर जा पाती हैं।

आप केवल बच्‍चे की ही बात करती हैं

आप ने देखा होगा कि आप चाहे जहां भी जाएं आपकी जुबान पर केवल बच्‍चे की ही बातें होती हैं। इससे आपके पति को बोरियत होने लगती है और आपसे इंट्रेस्‍ट खतम हेाने लगता है।

बेबी के बारे में अलग-अलग नजरिया

कई माता-पिता के बीच में बच्‍चे के लालन-पालन को ले कर ही झगड़े होने लगते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share