रिश्‍ते में चिंता से निपटने के तरीके

आपकी जिन्‍दगी में कोई ऐसा आ चुका है जो आपकी चाहत था। लेकिन अचानक से आप असुरक्षित महसूस करने लगी है। आप समझ लेती है कि बस सब कुछ खत्‍म हो गया है, आगे कुछ नहीं हो सकता। आप दुखद अंत सोचती है और फिर खुद ही ड़र जाती है। ऐसी चिन्‍ताओं का कारण खुद आपकी नकारात्‍मक सोच होती है।

किसी भी रिश्‍ते में उतार – चढ़ाव आते रहते है, लेकिन आपका उन्‍हे खूबसूरती से निभाना ही कला है। ऐसा ही रिश्‍ते में आने वाली चिंताओं को दूर भागने के लिए करना चाहिए। रिश्‍ते में चिंता आने से उनके टूटने का ड़र रहता है, इसलिए आपसी समझ से इसे दूर करें और एक प्‍यारा रिलेशन बनाकर रखें। यहां कुछ टिप्‍स बताएं जा रहे है कि किस प्रकार आप रिश्‍ते में आने वाली चिंताओं से निट सकती है

चिंता का कारण क्‍या है

किसी भी रिश्‍ते में चिंता के कारण को जानना सबसे जरूरी होता है। वैसे पति – पत्‍नी या पार्टनर के साथ रिश्‍ते में चिंता का मुख्‍य कारण, भरोसा टूटना, लड़ाई बढ़ना और तनाव होना होता है। इन सभी कारणों से रिश्‍ते में चिंता बढ़ती है। लेकिन अगर आप चिंता के सही कारण को जान जाते है तो उसे दूर भगाने में भी आसानी होती है।

बात करके दूर करें

हां, किसी भी प्रकार की चिंता को आपसी बातचीत के द्वारा दूर किया जा सकता है। आप अपने पार्टनर को बताएं कि आपको इस बात को लेकर चिंता सता रही है, इससे उन्‍हे समझ में आएगा और वह आपको उस तरीके से डील कर सकते है या आपकी सोच के कारण को समझ कर मेंटली सर्पोट कर सकते है। आपसी बातचीत, एक अच्‍छे रिश्‍ते में सबसे ज्‍यादा जरूरी होती है। यह बात हमेशा याद रखिए।

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नए सिरे से शुरूआत करें

अगर आपकी चिंता का कारण भरोसा टूटना आदि है तो आप एक बार फिर से नई शुरूआत कर सकती है जो आपके रिश्‍ते में नयापन और भरोसा लेकर आएगा। किसी भी रिश्‍ते को तोड़ना बहुत आसान होता है लेकिन उसे हमेशा बनाएं रखना हर किसी के बस की बात नहीं है। आप एक मौका दें, नए सिरे से शुरूआत करें और रिश्‍ते को प्‍यारा बनाएं।

छुपाएं नहीं बताएं

अगर आपको अपने पार्टनर के बारे में कुछ सुनने को मिला है, तो आप उनकी जांच पड़ताल करने से पहले डायरेक्‍ट पूछ लें। उन्‍हे बताएं कि आपको उनके बारे में किसी से कुछ पता चला है। इस तरह से आप एक – दूसरे पर हमेशा भरोसा बनाकर रख सकते है। इससे आपको असुरक्षा भी महसूस नहीं होगी कि वह आपके बारे में क्‍या सोचते होंगे आदि।

व्‍यस्‍त रखें

खाली दिमाग शैतान का घर, यह कहावत बिल्‍कुल ठीक है। आप खुद को व्‍यस्‍त रखें, पंचायतबाज न करें। फालतू की बातों पर ध्‍यान दें, विश्‍वास रखें और रिश्‍ते को मधुर बनाएं रखें।

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