क्‍या पुरूषों को लिव- इन- रिलेशन से नफरत है?

कई देशों में लिव- इन- रिलेशन को मान्‍यता मिल चुकी है और वहां इसके लिए खास कानून बनाएं जा चुके है। लेकिन आज भी भारतीय पुरूष, लिव- इन- रिलेशन में रहने से ज्‍यादा लड़की को डेट करना पसंद करते है और उसके बाद शादी। वह लिव- इन- रिलेशन में कम्‍फर्ट फील नहीं करते है या कह सकते है कि उन्‍हे नफरत होती है। आइए जानते है पुरूषों को लिव- इन- रिलेशन क्‍यों नहीं अच्‍छा लगता है

सामाजिक कंलक

कई भारतीय पुरूषों को लगता है कि लिव- इन- रिलेशन में रहना एक सामाजिक कंलक है। छोटे शहरों के लोगों के लिए लिव- इन- रिलेशन एक शर्मिंदगी वाली बात है। इसलिए पुरूषों को लिव- इन- रिलेशन कभी अच्‍छा नहीं लगता है।

आसानी से लड़की छोड़ सकती है

भारतीय पुरूष स्‍वभाव से डॉमीनेंट करने वाले होते है। लिव- इन- रिलेशन में छोटी – मोटी तकरार, गलतफहमी या उलझन होने पर वह अधिकार जमाने की कोशिश करें तो लड़की उन्‍हे छोड़कर आसानी से जा सकती है। इसीकारण, पुरूषों को लिव- इन- रिलेशन कम समझ में आता है।

चाइल्‍ड फैक्‍टर

लिव- इन- रिलेशन के कारण पैदा होने वाले बच्‍चों को समाज में अच्‍छी नज़र से नहीं देखा जाता है। पुरूषों को हमेशा चाहिए कि उनके बच्‍चे को उनके जैसा ही सम्‍मान मिलें, इसलिए वह अपने पार्टनर के साथ एक सच्‍चा रिश्‍ता रखना पसंद करते है। ताकि बच्‍चा होने पर उसके लिए कुछ सोचना न पड़ें।

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निर्भरता की कमी

लिव- इन- रिलेशन में पार्टनर एक – दूसरे पर निर्भर नहीं करते है। शादी में पार्टनर के बीच निर्भरता ज्‍यादा रहती है जिससे पुरूषों को आराम रहता है। लिव- इन- रिलेशनशिप में कोई स्‍ट्रांग कमीटमेंट नहीं होता है, इसलिए दोनों स्‍वतंत्र होते है। इस कारण, पुरूषों को कई दिक्‍कतें होती है।

सम्‍मान की कमी

पुरूषों को लगता है कि लिव- इन- रिलेशन में उनका पार्टनर उन्‍हे वह सम्‍मान नहीं देता है जो उन्‍हे शादी करने के बाद मिलता है, यहीं कारण है कि लिव- इन- रिलेशन में रहने वाले जोड़ों में पुरूष का हमेशा प्रयास रहता है कि वह दोनों जल्‍द से जल्‍द शादी कर लें।

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