एक गाँव जहाँ बाप अपनी बेटी को सेक्स के लिए प्रोत्साहित करता है !

कामसूत्र जैसे महान ग्रन्थ की रचना करने वाले हमारे इस देश में सेक्स जैसे शब्द को बोलना और सुनना दोनों ही पाप माना जाता है। सिर्फ सेक्स ही क्यों मास्टरबेशन (masturbation) और मेन्सट्रुएशन (menstruation) पर भी बात करना ‘पाप’ समझा जाता है।

खैर ये तो हुई हमारे देश की बात, लेकिन इस दुनिया में एक ऐसा देश भी है जिसकी कहानी हमसें बिल्कुल उलट है। क्योंकि यहाँ पर पेरेन्ट्स के द्वारा अपने बच्चों को पूरी तरह से सेक्सुअल फ्रीडम दिया जाता है। दक्षिण-पूर्व एशिया के एक देश में सेक्स को लेकर इतने खुले विचार हैं कि यकीन करना मुश्किल है। हम बात कर रहे हैं कम्बोडिया के रतनकेरी इलाके में रियांग जनजाति की।

इस जनजाति में लड़कियों को सेक्सुअल फ्रीडम दी जाती है। पिता खुद अपनी बेटियों के लिए ‘लव हट’ का निर्माण करता है।

क्या होता है लव हट

जब लड़कियां 13-15 साल की होती हैं तो पिता उनके लिए घर से दूर एक अलग झोपड़े (हट) का निर्माण करता है। इस हट में लड़कियां लड़कों से मिल सकती हैं और उनके साथ अपनी इच्छा अनुसार सेक्सुअल रिलेशन रख सकती हैं। रियांग जनजाति के लोग विवाह से पहले सेक्स को प्रोत्साहित करते हैं। लव हट में रहने वाली लड़कियां लड़कों से मिल-जुल सकती हैं, बातें कर सकती हैं और अगर किसी से उन्हें इश्क हो जाए तो उनसे दैहिक संबंध भी बना सकती हैं।

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इसके पीछे है ये कारण

रियांग जनजाति की इस अजीबोगरीब रीति-रिवाजों के पीछे उनका मानना है कि ऐसा करने से युवतियों का शारीरिक और मानसिक तौर पर बेहतर विकास होता है। इसके अलावा वे सोचते हैं कि ऐसा करने से लड़कियां शादी के बाद आने वाली यौन संबंधी परेशानियों का पहले से ही हल निकाल सकेंगी।

अगर कोई लड़की गर्भवती हो जाती है तो

इस जनजाति में अगर कोई युवती यौन संबंध बनाने के बाद गर्भवती हो जाती है तो उसका इलाज भी खुद उसके माता-पिता ही करते हैं। वे अपनी बेटी को शराब में कनखजूरा मिलाकर पीने को देते हैं जिससे उसका गर्भपात हो जाता है।

दी जाती है बधाई

जब युवती सेक्सो करने के लिए घर से बाहर जाती है, तो उसका पूरा परिवार उसे बधाई भी देता है। उनके लिए ये एक स्पेशल मोमेंट होता है जिसको ये लोग सेलिब्रेट भी करते है। आज दुनिया भर में सेक्स एजुकेशन पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन इस जनजाति में हमेशा से ही सेक्सुअल फ्रीडम दिया जाता है।

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