सुरक्षित सेक्‍स और नियमित जांच है सिफलिस से बचाव

सिफलिस तेजी के साथ फैलने वाला संक्रामक रोग है। यह आमतौर पर शारीरिक संबंध बनाने पर एक व्‍यक्ति से दूसरे को होने वाला रोग है। सिफलिस का कारण ओरल सेक्‍स भी हो सकता है। वैज्ञानिक रुप से यह स्‍पष्‍ट हो चुका है कि सिफलिस एक-दूसरे का चुंबन लेने और शारीरिक रुप से नजदीक आने पर फैलता है।

सिफलिस एक घाव से शुरू होता है। जिस व्‍यक्ति में इसकी शुरुआत होती है, वह प्रारंभि‍क अवस्‍था में इसकी पहचान नहीं कर पाता और उससे यह रोग उसके सेक्‍सुअल पार्टनर में भी पहुंच जाता है। यदि किसी महिला को सिफलिस है तो यह उसके गर्भ में पल रहे शिशु को भी हो सकता है, और यह शिशु की मौत का कारण भी बन सकता है। सिफलिस आपके साथ ही आपके शिशु और पार्टनर दोनों के लिए घातक हो सकता है। इसलिए इससे बचाव बहुत जरूरी है। इस लेख के जरिए हम आपको बताते हैं सिफलिस से बचाव के बारे में।

सिफलिस आमतौर पर शारीरिक संबंध बनाने से होने वाला रोग है, इसलिए आपका और आपके पार्टनर का सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाना जरूरी है। कंडोम का इस्‍तेमाल करने के साथ ही समय-समय पर चेकअप कराते रहें। ऐसा करने से आप सिफलिस के खतरे से बचे रह सकते हैं।

सिफलिस के बारे में अभी लोगों में जानकारी का अभाव है। इसलिए इसकी जानकारी भी इसका बचाव है। यदि आप अपने पार्टनर के अलावा किसी अन्‍य से सेक्‍स कर रहे हैं, तो पहले यह पुष्टि कर लें कि वह सिफलिस से ग्रस्‍त तो नहीं है। सिफलिस से बचे रहने के लिए जरूरी है कि आप इससे ग्रस्‍त व्‍यक्ति के साथ संबंध न बनाए।

किसी से भी शारीरिक संबंध बनाते समय हमेशा कंडोम का इस्‍तेमाल करना चाहिए। हालांकि सिफलिस से बचाव में कंडोम पूरी तरह कारगर नहीं है, लेकिन फिर भी यह काफी हद तक इससे आपका बचाव करता है। यह भी ध्‍यान रखें कि आप कभी भी फटे हुए कंडोम का यूज न करें। प्रत्‍येक बार सेक्‍स करने के लिए नए कंडोम का ही प्रयोग करें।

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अपने पार्टनर को सिफलिस के लिए होने वाली एसटीआई जांच कराने को प्रोत्‍साहित करें। यदि आपका नया सेक्‍सुअल पार्टनर है, और उसने व आपने फिलहाल कोई जांच नहीं कराई है तो दोनों को ही जांच करानी चाहिए। इस तरह सिफलिस के खतरे से बचे रहेंगे। टेस्‍ट निगेटिव आने पर भी आपको नियमित जांच करानी चाहिए।

यदि आप गर्भवती हैं, तो आपको सिफलिस से बचाव के लिए इसकी जांच करानी चाहिए। यदि किसी महिला को सिफलिस है, तो यह उसके गर्भ में पल रहे शिशु को भी हो सकता है। सिफलिस से ग्रस्‍त होने पर एंटीबायोटिक जैसे पेन्सिलिन से इसका उपचार संभव है।

यदि आपके पार्टनर को सिफलिस है, तो आपको संभोग से दूर रहना चाहिए। शराब और नशे की गोलियां आदि का सेवन बंद करने से भी सिफलिस को रोका जा सकता है।

सिफलिस के तीन चरण होते हैं। तीसरे चरण में पहुंचने पर यह खतरनाक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप समय-समय पर जांच कराते रहे। साथ ही आपको यह भी कोशिश करनी चाहिए कि आपके दो या तीन से ज्‍यादा लोगों से शारीरिक संबंध न हो।

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