आपसी रिश्‍ते में थर्ड पर्सन को कैसे करें इग्‍नोर

पति – पत्‍नी, भाई – बहन, माता-पिता या दो अच्‍छे दोस्‍तों में आपसी नोकझोंक और बहस चलती ही रहती है। जहां प्‍यार होता है वहां नोकझोंक होना स्‍वाभाविक है। लेकिन सबसे बड़ी समस्‍या होती है किसी तीसरे व्‍यक्ति का ऐसे समय में दखलंदाजी देना। बहुत कम ही ऐसा होता है किसी तीसरे व्‍यक्ति के आने से मामला सुलझ जाएं, वरना आपसी रिश्‍तों में किसी अन्‍य व्‍यक्ति के आने से बात सिर्फ बिगड़ती है।

शादी – शुदा जिन्‍दगी में अक्‍सर झगड़े की वजह किसी तीसरे व्‍यक्ति का होना होता है। पत्‍नी सारा दुखड़ा किसी और के सामने रोती है और पति को बर्दाश्‍त नहीं होता है। अगर आप अपने रिश्‍ते को हमेशा मधुर बनाएं रखना चाहते है तो निजी सम्‍बंधों में किसी तीसरे को न घुसने दें। इससे रिश्‍ते की खूबसूरत बिगड़ती है और दरार पैदा हो जाती है। यहां कुछ टिप्‍स बताएं जा रहे है कि किस प्रकार आपसी रिश्‍ते में किसी तीसरे को अलग रखें

बेवजह समय न दें

किसी भी तीसरे सदस्‍य को सिर्फ उतना समय ही दें जो आप दोनों के रिश्‍ते में कोई दिक्‍कत न पैदा करें। कई बार हम बाहरी लोगों के साथ इतना ज्‍यादा बिताने लगते है कि निजी सम्‍बंधों में खटास पैदा हो जाती है, शक, डर और असुरक्षा की भावना आने की वजह से रिश्‍ते की मधुरता भी गायब हो जाती है। इसलिए, सभी के साथ मेल रखें, लेकिन किसे कितना समय देना है यह तय कर लें।

विश्‍लेषण करें

अगर आप दो लोगों के बीच किसी बात को लेकर तनाव होता है तो उस मुद्दे को ध्‍यान में रखें कि वजह क्‍या है। हो सकता है कि किसी तीसरे इंसान की वजह से आप दोनों के रिश्‍ते में खटास आ रही हो, अगर ऐसा है तो तुरंत सर्तक हो जाएं।

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दूर रखें

तीसरे व्‍यक्ति से निश्चित दूरी बनाकर रखें। अपने पति या पत्‍नी, भाई या बहन या माता – पिता से ज्‍यादा प्राथमिकता न दें। उसकी राय लें लेकिन उसकी सोच को कभी न अपनाएं।

व्‍यक्गित सम्‍बंधों पर ज्‍यादा ध्‍यान दें

दो लोगों के बीच हमेशा अच्‍छा सम्‍बधं बनाएं रखने के लिए जरूरी होता है कि आप अपनी जरूरत और नजदीक को समझें। बाहर वाले से ज्‍यादा घर के लोगों को प्राथमिकता दें, व्‍यक्तिगत सम्‍बंधों पर ध्‍यान दें। किसी तीसरे व्‍यक्ति को अपने दोनों लोगों के आपसी रिश्‍ते में शामिल न करें।

सीमा तय करें

यह बात आपको हमेशा दिमाग में रखनी चाहिए। किसी भी व्‍यक्ति के साथ रिश्‍ते की गरिमा होती है, उसे पार न करें। तीसरे व्‍यक्ति से लिमिट में बात करें और अपने निजी मामले में बोलने का ह़़क न दें, हां अगर चाहें तो राय ले सकते है। जब आप तीनो इक्‍ट्ठे हों, तो सोच – समझकर बात करें। रिश्‍ते की मधुरता बनाएं रखें, तमीज से बात करें, अपने फर्स्‍ट सर्किल व्‍यक्ति पर उसके मुकाबले ज्‍यादा ध्‍यान दें।

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